इन्द्रदेव/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत स्थित एन.पी.एस. गोविंदपुर चाही में बन रहे सरकारी विद्यालय भवन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता, भ्रष्टाचार और निर्माण में लापरवाही के आरोप लगाए है. निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लोगों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. बीम के बिना पिलर पर निर्माण का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण कार्य बिना बीम डाले केवल पिलर के सहारे किया जा रहा है, जो तकनीकी मानकों के विरुद्ध है. लोगों का आशंका है कि इस तरह का निर्माण भविष्य में बड़े हादसे को न्योता दे सकता है.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण में तीसरे नंबर की ईंट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है.
योजना बोर्ड तक नहीं लगाया गया
निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है. इससे कार्य की स्वीकृति, लागत, संवेदक का नाम और निर्माण अवधि जैसी जरूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पा रही है, जो पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है.
जेई की अनुपस्थिति और सरिया की गुणवत्ता पर भी सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य स्थल पर जूनियर इंजीनियर की नियमित मौजूदगी नहीं रहती, जिससे निर्माण कार्य बिना तकनीकी निगरानी के चल रहा है. वहीं, इस्तेमाल किए जा रहे सरिया की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों ने शंका जताई है.
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
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