न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर सीमांचल क्षेत्र की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
हाईलाइट्स :
- पप्पू यादव ने गडकरी से मिलकर सीमांचल की सड़क समस्याएं उठाईं
- कई सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग
- किसानों और व्यापारियों को खराब सड़कों से हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया
- नेपाल, बंगाल और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों से कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर
- लंबित सड़क परियोजनाओं को जल्द शुरु कराने की अपील
बेलौरी से बंगाल सीमा तक सड़क की खराब हालत उठाई
सांसद ने पूर्णिया-कटिहार मार्ग से जुड़े बेलौरी, मझेली, कदवा, बरसोई होते हुए पश्चिम बंगाल सीमा तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह मार्ग व्यापार और सामाजिक संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन जर्जर हालत के कारण लोगों और किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कृषि परिवहन पर पड़ रहा असर
उन्होंने बताया कि इस सड़क के जरिए धान, मक्का समेत कई कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचते हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण परिवहन लागत बढ़ रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर चौड़ीकरण की मांग की।
पूर्णिया-फारबिसगंज मार्ग को बताया ‘जीवनरेखा’
पप्पू यादव ने पूर्णिया से जनता चौक, श्रीनगर, रानीगंज होते हुए फारबिसगंज तक जाने वाली सड़क को सीमांचल की जीवनरेखा बताते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मार्ग नेपाल सीमा से जुड़े व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर भी जोर
उन्होंने कुर्सेला से मोहनपुर, रूपौली, भवानीपुर, धमदाहा, बड़हारा, जानकीनगर होते हुए अस्गमा तक जाने वाली सड़क के विकास की जरूरत बताई। सांसद के अनुसार यह सड़क लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी है, लेकिन कई जगहों पर इसकी स्थिति बेहद खराब है।
तीन देशों से जुड़ाव वाली सड़क पर विशेष फोकस
सांसद ने परसरमा से पूर्णिया तक जाने वाली सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि यह मार्ग नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के निकटवर्ती क्षेत्रों को जोड़ता है, जिससे इसका सामरिक और आर्थिक महत्व काफी बढ़ जाता है। अधूरी परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की मांग उन्होंने कुर्सेला-चांदपुर-पोठिया-फलका-मीरगंज-सरसी-रानीगंज-जोगबनी सड़क परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सहमति के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने केंद्र से इसे प्राथमिकता देने की मांग की।
सीमांचल के समग्र विकास पर जोर
पप्पू यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सीमांचल और कोसी क्षेत्र में व्यापार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इन मांगों पर जल्द निर्णय लेकर क्षेत्र के विकास को गति देगी।
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