न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
राजीव कुमार/पटना: पूर्णिया के केनगर में प्रेम विवाह से नाराजगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। 18 साल की बेटी ने अपनी पसंद से शादी क्या की, परिवार ने उसे जिंदा रहते ही समाज और परिवार के लिए ‘मृत’ घोषित कर दिया।
मामला मरंगा थाना क्षेत्र की गंगेली पंचायत के चपय गंगेली वार्ड नंबर-1 का है। मनोज कुमार गोस्वामी की बेटी रिया कुमारी ने अपने ही गांव के मिलन कुमार से कोर्ट मैरिज कर ली।
दोनों के प्रेम संबंध की जानकारी परिवार को मिली तो विरोध शुरू हो गया। दोनों के घर से चले जाने के बाद परिजनों ने खोजबीन की और पंचायत भी बैठी। मामला पुलिस तक पहुंचा तो रिया का धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ। इसमें युवती ने अपनी मर्जी से मिलन के साथ रहने की बात कही। परिवार को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया।
कुश से बनाया पुतला, अर्थी पर रखकर निकाली ‘अंतिम यात्रा’
परिजनों और ग्रामीणों ने कुश से रिया का पुतला बनाया। उसे अर्थी पर रखा गया और ढोल-नगाड़े बजाते हुए पूरे चपय बस्ती में शव यात्रा निकाली गई। इस दौरान ‘राम नाम सत्य है’ के नारे भी लगाए गए। शव यात्रा नहर किनारे खेत तक पहुंची, जहां रिया के पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी।
परिवार बोला- अब बेटी से कोई रिश्ता नहीं
परिजनों ने कहा कि अब रिया उनके लिए मृत समान है और उससे कोई रिश्ता नहीं रखा जाएगा। परिवार की ओर से आगे की रस्में निभाने और दसवें से 13वें दिन तक श्राद्ध-पिंडदान करने की बात भी कही गई है।
रिया के चाचा शशिधर गिरी ने कहा, “सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है। अगर पढ़ाई का मतलब यही है तो कौन अपनी बेटी को पढ़ाएगा?”
वहीं समाजसेवी डब्लू यादव ने कहा कि शव यात्रा के जरिए समाज को संदेश देने की कोशिश की गई है। जिंदा बेटी की शव यात्रा और पुतले के अंतिम संस्कार का यह मामला अब पूरे केनगर इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।