न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की सियासत में नई सरकार के गठन को लेकर मची हलचल के बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने रविवार को एक बड़ा धमाका किया है। मधेपुरा पहुंचे पीके ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य और बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
नीतीश का दौर खत्म, अब दिल्ली तय करेगी सीएम
14 अप्रैल को मुख्यमंत्री के संभावित इस्तीफे की चर्चाओं पर प्रशांत किशोर ने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बने रहना अब मुमकिन नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार की मानसिक और शारीरिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है और यह बात उनके करीबियों को भी पता है। पीके के अनुसार, नीतीश को राज्यसभा भेजकर बिहार की कुर्सी पर अब ऐसे व्यक्ति को बिठाया जाएगा, जिसकी डोर किसी और के हाथ में होगी।
मोदी-शाह के पास होगी बिहार की चाबी
प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाते हुए भविष्यवाणी की कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री जो भी बने, उसका 'रिमोट कंट्रोल' सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पास होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब बिहार का मुख्यमंत्री बिहार के विकास के लिए नहीं, बल्कि गुजरात के हितों को साधने के लिए काम करेगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि गुजरात के लोग फैक्ट्रियों के मालिक बने रहेंगे और बिहार के लोग उनके यहां मजदूरी करने को मजबूर होंगे।
"पैसे लेकर वोट दिया, तो ईमानदारी की उम्मीद न करें"
प्रशांत किशोर सिर्फ नेताओं पर ही नहीं, बल्कि बिहार के मतदाताओं पर भी जमकर बरसे। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने 10 हजार रुपये लेकर वोट दिया है। पीके ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर आपने अपना ईमान बेचा है और गलत फैसला लिया है, तो एक ईमानदार सरकार की अपेक्षा करना छोड़ दीजिए। गलत करोगे, तो नतीजा भी गलत ही होगा।"
भविष्यवाणी के सियासी मायने
प्रशांत किशोर के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता में होने वाला बदलाव पूरी तरह से दिल्ली (केंद्र) की रणनीति पर आधारित होगा। अब सबकी नजरें 14 अप्रैल की तारीख पर टिकी हैं, जिसे लेकर कयासों का बाजार गर्म है।