रोहित कुमार/ पटना: तेजस्वी यादव ने सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय एनडीए के नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व की कसमें खाते थे, लेकिन अब सब बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा जाने का फैसला नीतीश कुमार का अपना नहीं है, बल्कि भाजपा ने इसे उन पर जबरन थोपा है। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि अगर यही मंशा थी, तो चुनाव से पहले जनता को सच क्यों नहीं बताया गया?
अपमान की राजनीति 'कभी हाथ पकड़ा, कभी कुर्ता खींचा'
मुख्यमंत्री की वर्तमान स्थिति पर दुख जताते हुए तेजस्वी ने कहा कि आज नीतीश कुमार को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने वीडियो और हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कभी कोई उनका हाथ पकड़ लेता है, तो कभी कोई उनका कुर्ता खींचता है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री सदन में बोलना चाहते हैं, तो जानबूझकर लाइन कटवा दी जाती है या सदन को स्थगित कर दिया जाता है, ताकि उनकी आवाज दब जाए।
तेजस्वी ने नीतीश के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को बीजेपी ने अपमानित कर दिल्ली भेजा है, बिहार में पलायन और बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन NDA सरकार को सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता है @yadavtejashwi @NitishKumar pic.twitter.com/lhi246LIco
— news11 bharat bihar (@11bharatbihar) April 10, 2026
'भाड़ में जाए बिहार, कुर्सी बची रहे'
राज्य की बदहाली का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "इन लोगों की मानसिकता ऐसी है कि बिहार भले ही भाड़ में जाए, बस उनकी कुर्सी सलामत रहनी चाहिए।" तेजस्वी ने पलायन के बढ़ते आंकड़ों और बेरोजगारी पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है।
TRE-4 और रोजगार पर तीखा प्रहार
शिक्षक भर्ती (TRE-4) का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि वे लगातार युवाओं के हक की बात कर रहे हैं और उन्होंने इसकी सिफारिश भी की थी, लेकिन वर्तमान सरकार काम करने के बजाय केवल समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार रोजगार देने वाली नहीं, बल्कि बिहार को बर्बादी की ओर धकेलने वाली है।
जनता के जनादेश का अपमान
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज बिहार में जनता का 'मैंडेट' (जनादेश) बेमानी हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता जिसे मुख्यमंत्री देखना चाहती है, वह बन नहीं रहा और जिन्हें थोपा जा रहा है, उन्हें जनता का समर्थन नहीं है। तेजस्वी के अनुसार, बिहार की सरकार अब स्वायत्त नहीं रही, बल्कि बाहरी इशारों पर चल रही है।