न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : नवादा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत वारसलीगंज मोड़ पर गौवंशों की अवैध तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक पिकअप वैन को रोका। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो अंदर का नजारा बेहद दर्दनाक था। गौवंशों को इतनी बेरहमी और छोटी रस्सियों से जकड़कर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था कि एक गाय वाहन की छत से लटककर बेहोश हो गई थी। कार्यकर्ताओं ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए रस्सियां काटीं और उसकी जान बचाई। सभी पशु अत्यधिक पीड़ा में थे और उन्हें लंबे समय से चारा-पानी तक नहीं दिया गया था, जो पशु परिवहन नियमों का सरेआम उल्लंघन है।
बिहारशरीफ के दो तस्कर दबोचे, पहले भी तस्करी में शामिल होने की बात कबूली
घटनास्थल पर ही वाहन में सवार दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार तस्करों की पहचान बिहारशरीफ के महुआ टोला निवासी मो. शाकिब (30 वर्ष) और मो. शाहिल उर्फ छोटू कुरैसी (22 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गौवंशों की अवैध तस्करी के धंधे में लिप्त हैं और इससे पहले भी कई बार इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
तस्करों के पास नहीं मिले खरीद-बिक्री के कोई वैध दस्तावेज
नालंदा जिले के गौ रक्षा प्रमुख विवेक कुमार उर्फ विक्की सिंह ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुफस्सिल थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है कि आरोपियों के पास गौवंशों की खरीद-बिक्री, मिल्क ट्रांसफर या परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध बिल या दस्तावेज नहीं था। स्थानीय लोगों ने दोनों तस्करों को पुलिस के हवाले कर दिया है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग, क्षेत्र में सक्रिय है बड़ा पशु तस्करी गिरोह
गौ रक्षा प्रमुख विवेक कुमार ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहन और सभी गौवंशों को तुरंत जब्त कर सुरक्षित गौशाला भेजा जाए। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), बिहार पशु संरक्षण अधिनियम 1955 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कड़ी धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। स्थानीय गौ रक्षकों का कहना है कि यह घटना किसी बड़े अंतर-जिला पशु तस्करी गिरोह का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।