सरफराज आलम/न्यूज11 भारत
सीवान/डेस्क: बिहार के सीवान जिले में 2016 में हुई चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे लड्डन मियां (अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां) को 9 साल 7 महीने की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रिहा कर दिया गया है. मुजफ्फरपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने अगस्त 2025 में दिए गए फैसले में लड्डन मियां समेत तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी करार दिया था. इसके बाद उनकी रिहाई हो गई.
लड्डन मियां ने रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं निर्दोष हूं. मुझे गलत तरीके से फंसाया गया था. विपक्ष ने कोई ठोस सबूत नहीं दिया. अब सच सामने आ गया है."
पत्रकार राजदेव रंजन, जो हिंदी दैनिक 'हिंदुस्तान' के सीवान ब्यूरो चीफ थे, की 13 मई 2016 को सीवान रेलवे स्टेशन के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के करीब तीन हफ्ते बाद 2 जून 2016 को लड्डन मियां ने कोर्ट में सरेंडर किया था. तब से वह जेल में बंद था. सीबीआई ने मामले की जांच संभाली और चार्जशीट में लड्डन मियां सहित कई लोगों पर हत्या, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे.
लड्डन मियां के वकील नवीन श्रीवास्तव ने कोर्ट में दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया गया और अभियोजन पक्ष कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका. कोर्ट ने भी इस आधार पर उन्हें निर्दोष घोषित किया.
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