न्यूज 11 भारत / बिहार
अश्मित सिन्हा (संवाददाता) / पटना: राज्य सरकार ने बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने और नए पर्यटक स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। सरकार का मानना है कि बिहार में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। कई ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिन्हें अब तक सही पहचान नहीं मिल सकी है। ऐसे स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए सरकार ने सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मियों को पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का निर्देश जारी किया है।
शुक्रवार-शनिवार को होगा प्रवास
बिहार सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यहां कार्यरत सभी सरकारी पदाधिकारी और कर्मचारी प्रत्येक तीन महीने में कम-से-कम एक बार अपने गृह जिले को छोड़कर राज्य के किसी अन्य जिले में दो दिनों और दो रातों के लिए सपरिवार पर्यटन, ईको-टूरिज्म या ग्रामीण पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना होगा। यह प्रवास शुक्रवार और शनिवार को होगा, ताकि संबंधित कर्मी आसपास के कम-से-कम तीन स्थलों का भ्रमण कर वहां रात्रि विश्राम भी कर सकें।
पर्यटन स्थलों का करेंगे निरीक्षण
निर्देश में यह भी कहा गया है कि प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी, वन प्रमंडल पदाधिकारी और अन्य जिला एवं प्रमंडल स्तरीय अधिकारी भी अपने पदस्थापन जिले से अलग किसी अन्य जिले में दो दिनों का प्रवास करेंगे और वहां के पर्यटन स्थलों का निरीक्षण करेंगे। भ्रमण के बाद सभी अधिकारियों को संबंधित पर्यटन स्थलों की तस्वीरें, अनुभव और विकास से जुड़े सुझावों सहित विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर अपने विभाग या जिला पदाधिकारी के पास जमा देना हगा। इसके लिए सभी जिलों और विभागों में एक नोडल पदाधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा।
होम स्टे संस्कृति को बढ़ावा
सरकार ने होम-स्टे संस्कृति को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया है। पर्यटन विभाग, जिलाधिकारी और वन प्रमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय लोगों के घरों में ठहरने की सुविधा विकसित करने की दिशा में काम करें। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, भोजन और आतिथ्य का वास्तविक अनुभव मिल सकेगा।
वेबसाइट पर अपलोड होगी सुविधाओं की जानकारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पर्यटन प्रवास की अवधि को सरकारी ड्यूटी अवधि माना जाएगा। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पर्यटक स्थलों पर ठहरने, खान-पान और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करें तथा सरकारी गेस्ट हाउस और निजी होटलों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इन सुविधाओं की जानकारी जिला वेबसाइट पर भी अपलोड होगी।