न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब पैरों में जंजीर और ताला लटके चार मासूम बच्चे बदहवास हालत में ग्रामीणों के सामने पहुंचे। बच्चों के पैरों में बंधी बेड़ियां और शरीर पर चोट के निशान देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बच्चों ने मदरसे के मौलाना पर बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक यातनाएं देने का गंभीर आरोप लगाया है।
कुरान की पढ़ाई के नाम पर कराया जाता था बाल श्रम
मिली जानकारी के अनुसार, ये चारों नाबालिग बच्चे पड़ोसी जिले मधुबनी के अररिया संग्राम क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्हें धार्मिक और कुरान की शिक्षा ग्रहण करने के लिए दरभंगा के इस मदरसे में भेजा गया था। हालांकि, बच्चों का आरोप है कि मदरसे में उनसे पढ़ाई कराने के बजाय जबरन बाल श्रम कराया जाता था। उनसे दिनभर शौचालय की सफाई, खाना बनाने के लिए जलावन (लकड़ियां) काटने समेत अन्य घरेलू काम कराए जाते थे।
घर जाने की मांग करने पर पैरों में डाल दिया ताला
पीड़ित बच्चों ने बताया कि जब भी वे काम करने से मना करते या अपने घर जाने की जिद करते, तो उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी। बच्चों को भागने से रोकने के लिए उनके पैरों में लोहे की जंजीर बांधकर ताला लगा दिया जाता था।
जुमे की नमाज के दौरान मिला भागने का मौका
बच्चों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के समय जब मदरसे के मौलाना और अन्य लोग बाहर गए थे, तब उन्हें मौका मिल गया। चारों बच्चे किसी तरह रेंगते हुए मदरसे की बाउंड्री वॉल पार कर भाग निकले और भागते-भागते सिनुआरा गांव पहुंच गए।
ग्रामीणों की सजगता से रेस्क्यू, चाइल्ड केयर होम भेजे गए बच्चे
गांव में जंजीर से बंधे बच्चों को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय पुलिस और चाइल्डलाइन को दी। सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जंजीरों को कटवाकर बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए चारों बच्चों को चाइल्ड केयर संस्थान (बाल गृह) सौंप दिया गया है।
जांच के बाद होगी सख्त कानूनी कार्रवाई: मुखिया
स्थानीय मुखिया ने बताया कि घटना बेहद निंदनीय है। पीड़ित बच्चों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और वे दरभंगा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी मौलाना और मदरसा प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।