रोहन निषाद/न्यूज़ 11 से भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में बुधवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में 15वें वित्त आयोग मद से संचालित विकासात्मक कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद रहे.
उपायुक्त ने बैठक में टाइड एवं अनटाइड मद के तहत संचालित योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध राशि का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया. मनीष कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं का चयन करते समय स्थानीय जरूरतों और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. स्वीकृत योजनाओं को बिना विलंब धरातल पर उतारकर निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीणों को जल्द लाभ मिल सके.
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों से टाइड एवं अनटाइड मद के उपयोग की विस्तृत जानकारी ली. पंचायत सचिवालयों को ग्रामीण प्रशासन और जनसेवा का प्रभावी केंद्र बनाने पर बल देते हुए उन्होंने सभी सचिवालयों में संचालित ज्ञान केंद्रों और सभागारों के लिए आवश्यकतानुसार फर्नीचर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही मातृ स्वास्थ्य केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, पंचायत सचिवालय परिसरों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को सुदृढ़ करने को कहा.
बैठक में विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में पेवर ब्लॉक लगाने, हैंडवॉश यूनिट स्थापित करने, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया. ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर पानी के टैंकर की खरीद सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किए गए.
उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ करने को कहा. उन्होंने जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत हों और आमजन को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिले. बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, व्यय की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए.
यह भी पढ़ें: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में आरोपी भाइयों को राहत, कोर्ट ने पीड़क कार्रवाई को रखा बरकरार