न्यूज11 भारत / पटना डेस्क: बिहार में मौसम के बदलते मिजाज और चढ़ते पारे ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। राज्य में समय से पहले ही लू (Heatwave) जैसी स्थिति बनने लगी है। इसी गंभीर स्थिति को भांपते हुए बिहार शिक्षा विभाग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया है, ताकि नौनिहालों को चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके।
6 अप्रैल से लागू होगा 'मॉर्निंग शिफ्ट' का नया शेड्यूल
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, अब राज्य के सभी प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालय सुबह की पाली (Morning Shift) में संचालित किए जाएंगे। यह नई समय-सारणी 6 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और 31 मई 2026 तक, यानी गर्मी की छुट्टियों के शुरू होने तक जारी रहेगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य बच्चों को दोपहर की भीषण तपन से बचाना है।
क्या है स्कूल संचालन का नया टाइम-टेबल?
नए नियमों के तहत अब स्कूलों के खुलने और बंद होने का समय पूरी तरह बदल गया है:
- स्कूल खुलने का समय: सभी विद्यालय सुबह 6:30 बजे खुलेंगे।
- प्रार्थना और कक्षाएं: दिन की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना और व्यायाम से होगी, जिसके तुरंत बाद नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
- छात्रों की छुट्टी: कुल सात घंटियों की पढ़ाई के बाद दोपहर 12:20 बजे छात्रों की छुट्टी कर दी जाएगी।
- शिक्षकों की समीक्षा बैठक: छात्रों के जाने के बाद, दोपहर 12:30 बजे तक सभी शिक्षक विद्यालय में रुकेंगे। इस 10 मिनट के समय में वे दिन भर के शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा करेंगे और अगले दिन की पाठ योजना तैयार करेंगे।
मिड-डे मील और स्थानीय स्तर पर बदलाव की छूट
गर्मी के कारण मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) वितरण की व्यवस्था को भी लचीला बनाया गया है। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या बहुत अधिक है, वहां प्रधानाध्यापकों को यह अधिकार दिया गया है कि वे दो समूहों में बच्चों को भोजन कराएं। इससे भीड़ कम होगी और बच्चे आराम से भोजन कर सकेंगे।
इसके साथ ही, शिक्षा विभाग ने जिलाधिकारियों (DM) और जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को विशेष शक्तियां दी हैं। यदि किसी विशेष जिले में गर्मी का प्रकोप बहुत अधिक है, तो वहां के स्थानीय अधिकारी अपने स्तर पर स्कूल के समय में अतिरिक्त फेरबदल कर सकते हैं। गया जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने का निर्देश देते हुए कहा है कि बच्चों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षा अनिवार्य है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। सुबह के शांत और ठंडे माहौल में पढ़ाई करने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ेगी और वे लू की चपेट में आने से भी बचेंगे। सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे परिसर में पीने के शुद्ध पानी और ओआरएस (ORS) जैसी प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
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