न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : बिहार के औद्योगिक गौरव रहे डालमियानगर के लिए एक ऐतिहासिक सवेरा होने जा रहा है। भारतीय रेलवे ने डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने (Wagon Repair Workshop) के निर्माण की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीडीयू (DDU) रेल मंडल और राइट्स (RITES) की सक्रियता के साथ ही इस क्षेत्र के पुनरुद्धार की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
219 एकड़ में फैलेगा खुशहाली का नया आधार
रेल बजट 2026-27 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब जमीन पर काम शुरू होने वाला है। लगभग 403.20 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाला यह कारखाना 219 एकड़ की विशाल भूमि पर विकसित किया जाएगा। डीडीयू मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जल्द से जल्द परिचालन शुरू हो सके।
रोजगार का बनेगा महा-केंद्र, सहायक उद्योगों को मिलेगी संजीवनी
यह फैक्ट्री केवल रेलवे के वैगन ठीक नहीं करेगी, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था की 'मरम्मत' भी करेगी।
-
सीधा लाभ: स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी और गैर-तकनीकी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
-
MSME को बढ़ावा: कारखाने की स्थापना से आसपास के क्षेत्रों में वेल्डिंग यूनिट्स, पेंटिंग शॉप्स और स्पेयर पार्ट्स बनाने वाले छोटे उद्योगों की बाढ़ आने की उम्मीद है।
-
व्यापारिक हलचल: स्थानीय बाजार और व्यापारियों में इस परियोजना को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि इससे क्षेत्र की क्रय शक्ति (Purchasing Power) में इजाफा होगा।
कनेक्टिविटी के लिए बनेगा नया रेल फ्लाईओवर
लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने के लिए रेलवे ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत पहलेजा रेलवे स्टेशन से सीधे कारखाने तक एक नया रेलवे फ्लाईओवर और डेडिकेटेड ट्रैक बिछाया जाएगा। इससे खराब वैगनों को बिना किसी बाधा के मरम्मत के लिए वर्कशॉप तक लाया और ले जाया जा सकेगा।
डालमियानगर, जो कभी देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र हुआ करता था, 1984 में बंद होने के बाद से वीरान पड़ा था। हालांकि 2007 और 2009 में इसे दोबारा शुरू करने की कोशिशें हुईं, लेकिन कागजी औपचारिकताओं और अन्य कारणों से काम लटका रहा। अब 2026 में केंद्र सरकार और रेलवे के ठोस प्रयासों ने इस पुराने सपने को हकीकत में बदल दिया है।