न्यूज़11भारत
रांची/डेस्क:- आरबीआई ने सारे बैंकों के लिए एक नया नियम बनाया है, जिसके अनुसार कुछ सर्विस जैसे NCMC और FASTag को इ मेंडेट फ्रेमवर्क में शामिल कर लिया गया है. इस पेमेंट सिस्टम में तय लिमिट से अमाउंट कम होता है तो ग्राहक के अकाउंट में पैसा खुद ब खुद जुड़ जाएगा. ऐसे में ग्राहकों को फास्ट्रेक में रिचार्ज करने के अड़चन से छुटकारा मिलेगा. बता दें कि इस फ्रेमवर्क को वर्ष 2019 में बनाया गया था.
आरबीआई ने कहा
आरबीआई ने सर्कुलर में कहा था कि NCMC और फास्टैग बैलेंस की ऑटो-रिप्लेनिसमेंट, जो ग्राहकों के द्वारा बैंक बैलेंस कम होने से ट्रिगर हो जाती है. ये ट्रांजेक्शन रेकरिंग लेकिन समय के मुताबिक अनियमित होने से वास्तव में शुल्क से 24 घंटे पहले कस्टमर्स को प्री डेबिट नोटिफिकेशन भेजने की नॉर्मल आवश्यकता से मुक्त हो जाएंगे.
2019 के आरबीआई के सर्कुलर में ये था
2019 में आरबीआई ने कहा था कि ग्राहकों की सुविधा के उपाय में जारीकर्ता कार्डधारक को कार्ड पर वास्तविक शुल्क से कम से कम 24 घंटे के पहले एक प्री-ट्रांजैक्शन नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. कार्ड पर इ मेंडेट दर्ज करते हुए स्पस्ट तरीके से समझने योग्य भाषा में प्री-ट्रांजेक्शन नोटिफिकेशन प्राप्त के लिए एसएमएस, ईमेल, आदि मे से किसी एक मोड पर सुविधा दी जाएगी. नोटिफिकेशन प्राप्त करने के लिए ग्राहक अपने सुविधानुसार कार्डधारक को प्रदान की जाएगी.