रिलायंस और मेटा की भारत में एंटरप्राइज़ एआई सॉल्यूशंस के लिए साझेदारी, भारत में AI के लिए रिलायंस और गूगल क्लाउड ने मिलाया हाथ
न्यूज़11 भारत
मुंबई/डेस्क: रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों की प्रतीक्षा खत्म होने को है. जियो का IPO अगले साल यानी 2026 की पहली छमाही में आ जाएगा. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 48वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने यह जानकारी साझा की.
मुकेश अंबानी ने कहा कि “मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि जियो अपने आईपीओ के लिए आवेदन करने की तैयारियाँ कर रहा है. हमारा लक्ष्य 2026 की पहली छमाही तक जियो को सूचीबद्ध करना है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि जियो हमारे वैश्विक समकक्षों के समान ही मूल्य सृजित करेगा. मुझे विश्वास है कि यह सभी निवेशकों के लिए एक बहुत ही आकर्षक अवसर होगा.“
रिलायंस जियो ने आज एक और मुकाम हासिल किया, कंपनी के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार कर गई है. शेयरधारकों व ग्राहकों का आभार व्यक्त करते हुए मुकेश अंबानी ने जियो को जिंदगी बदलने वाला करार दिया. जियो की उपलब्धियें गिनाते हुए उन्होंने कहा कि “जियो ने कुछ अकल्पनीय काम किए हैं. जैसे वॉयस कॉल मुफ्त करना, डिजिटल भुगतान के तरीके बदलना, आधार, यूपीआई, जन धन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में जान फूंकना, और साथ ही दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम की रीढ़ का काम करना.
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि देश में 5जी के सबसे तेज रोलआउट के बाद जियो के 5जी ग्राहकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. 22 करोड़ से ज़्यादा यूजर्स जियो ट्रू 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि जल्द ही जियो अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन शुरू करेगा.
मुकेश अंबानी ने कहा कि “जियो ट्रू 5जी ने डिजिटल कनेक्टिविटी की स्पीड, विश्वसनीयता और पहुँच को नए सिरे से परिभाषित किया है. मैंने लोगों को कहते सुना है कि जियो ने मेरी ज़िंदगी बदल दी या मुझे जियो पसंद है. लेकिन मैं दिल से कहता हूँ कि दरअसल, हर एक भारतीय ने जियो को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर इसे खड़ा किया है."
रिलायंस और मेटा की भारत में एंटरप्राइज़ एआई सॉल्यूशंस के लिए साझेदारी
भारत और दुनिया के चुनिंदा बाजारों में उद्यमों के लिए ‘एंटरप्राइज़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ("एआई") सॉल्यूशंस, बनाएंगी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेटा. इसके लिए रिलायंस और मेटा ने एक संयुक्त उद्यम (ज्वाइंट वेंचर) की घोषणा की है. इस संयुक्त उद्यम में रिलायंस की हिस्सेदारी 70% और मेटा की हिस्सेदारी 30% रहेगी. दोनों कंपनियां समान अनुपात में 855 करोड़ रुपये यानी करीब 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का शुरूआती निवेश करेंगी. लेन-देन नियामक अनुमोदनों के अधीन है और इसके 2025 की चौथी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है.
सयुंक्त उद्यम की योजना मेटा के ओपन सोर्स लामा मॉडल को आरआईएल के डिजिटल बैकबोन से जोड़ कर भारतीय उद्यमों और छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (एसएमबी) के लिए किफायती मूल्य पर एंटरप्राइज़-ग्रेड एआई देने की है. बिजनेस संस्थानों को सेल्स एंड मार्केटिंग, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलेपमेंट और संचालन, ग्राहक सेवा, वित्त, और अन्य एंटरप्राइज़ वर्कफ़्लोज़ की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करेगा. क्रॉस-फ़ंक्शनल और उद्योग की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखकर इसे डिज़ाइन किया जा सकता है. सबसे महत्वपूर्ण है कि लामा की लागत काफी कम होगी.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, मुकेश डी. अंबानी ने कहा, "मेटा के ओपन सोर्स लामा मॉडल को विभिन्न उद्योगों में हमारी विशेषज्ञता के साथ जोड़कर, हम प्रत्येक भारतीय और उद्यम को एआई प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम महत्वाकांक्षी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों (एसएमबी) से लेकर ब्लू चिप कॉर्पोरेट्स तक, प्रत्येक भारतीय संगठन के लिए एंटरप्राइज़-स्तरीय एआई का लोकतंत्रीकरण करेंगे, जिससे वे तेज़ी से इनोवेशन कर सकेंगे, अधिक कुशलता से काम कर सकेंगे और वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे."
मेटा के फाउंडर और सीईओ, मार्क ज़करबर्ग ने कहा, "हम भारतीय डेवलपर्स और उद्यमों तक ओपन सोर्स एआई की ताकत पहुँचाने के लिए रिलायंस के साथ साझेदारी को और गहरा करने को उत्साहित हैं. इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से, हम मेटा के लामा मॉडल्स को वास्तविक दुनिया में उपयोग में ला रहे हैं और मेटा द्वारा हम उद्यम क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने की आशा कर रहे हैं ."
भारत में AI के लिए रिलायंस और गूगल क्लाउड ने हाथ मिलाया
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए गूगल क्लाउड के साथ रणनीतिक साझेदारी की है. साझेदारी की घोषणा करते हुए रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि यह गठजोड़ भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लंबी छलांग लगाने में मदद करेगा. रिलायंस के काम को गति देने के लिए गुजरात के जामनगर में रिलायंस और गूगल क्लाउड मिलकर एक अत्याधुनिक, एआई-केंद्रित क्लाउड रीजन बनाएंगे. खास बात यह है कि यह नया प्रोजेक्ट पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी से चलेगा. जामनगर को मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख महानगरों से जोड़ने के लिए रिलायंस जियो उच्च क्षमता वाली इंट्रा- और इंटर-मेट्रो फाइबर कनेक्टिविटी देगा.
रिलायंस, जामनगर में अत्याधुनिक क्लाउड सुविधा और संबंधित नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का डिज़ाइन, निर्माण और संचालन करेगा. तो वहीं गूगल क्लाउड अपने शक्तिशाली एआई हाइपरकंप्यूटर और एआई स्टैक को लगाएगा. जो जनरेटिव एआई मॉडल, डेवलपमेंट प्लेटफ़ॉर्म और एआई-संचालित एप्लिकेशन देगा. यह एआई-केंद्रित क्लाउड रीजन जियो के डिजिटल नेटवर्क को ताकत देगा, सुरक्षा बढ़ाएगा और उसके बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करेगा. साथ ही रिलायंस रिटेल के इकोसिस्टम को बेहतर बनाने, विश्वसनीयता बढ़ाने और सुरक्षा प्रदान करने का काम भी करेगा. रिलायंस के सभी व्यवसायों को एआई का उपयोग करके प्रदर्शन सुधारने में भी यह प्रोजेक्ट मदद करेगा.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, मुकेश डी. अंबानी ने कहा: "गूगल क्लाउड के साथ यह साझेदारी भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगी. रिलायंस के बुनियादी ढाँचे, रिन्यूएबल एनर्जी और राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के सहयोग से, गूगल क्लाउड की एआई क्षमताओं को जामनगर में लाकर, हम भारत के एआई में वर्ल्ड लीडर बनने की नींव रख रहे हैं. जिस तरह जियो और गूगल हर भारतीय के लिए इंटरनेट का लोकतंत्रीकरण करने के लिए एक साथ आए थे, उसी तरह अब हम हर भारतीय के लिए इंटेलिजेंस का लोकतंत्रीकरण करेंगे."
गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा: "हम लंबे समय से भारत के डिजिटल भविष्य में निवेश कर रहे हैं, और रिलायंस और जियो के साथ हमारी साझेदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. पिछले एक दशक में हमारे साथ मिलकर, किए गए काम ने लाखों लोगों तक किफ़ायती इंटरनेट पहुँचाने में मदद की है. और अब, हम एआई के साथ अगली छलांग लगाने की तैयारी कर रहे हैं. यह तो बस एक शुरुआत है, हम मिलकर भारत के एआई भविष्य का निर्माण करने को तैयार हैं."