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दिल्ली/डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों चीन के तिआनजिन शहर में हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. इसी कार्यक्रम के इतर रविवार को उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत-चीन संबंधों में हाल के दिनों में कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं. यह प्रधानमंत्री मोदी का सात वर्षों के अंतराल के बाद चीन का पहला दौरा है और बीते दस महीनों में शी जिनपिंग के साथ उनकी यह दूसरी द्विपक्षीय बैठक है. इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात रूस के कजान शहर में ब्रिक्स 2024 सम्मेलन के दौरान हुई थी.
भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास के बीच चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह बैठक दोपहर लगभग 12 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे) शुरू हुई. इस बातचीत को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वर्तमान में भारत और अमेरिका के रिश्तों में कुछ खटास देखने को मिली है. हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50% टैरिफ लागू कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है.
एक मंच पर नजर आए नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और शहबाज शरीफ
SCO सम्मेलन के पहले दिन हुए समूह फोटो सेशन में प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक ही मंच पर नजर आए. यह क्षण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा चर्चित रहा. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "तिआनजिन, चीन पहुंच गया हूं. SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी और विभिन्न वैश्विक नेताओं से मुलाकात को लेकर उत्साहित हूं."
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत होने की संभावना
प्रधानमंत्री मोदी 1 सितंबर को भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस दौरान उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है. तिआनजिन में हो रहा यह SCO शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति और क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें भारत की भागीदारी उसकी सक्रिय विदेश नीति को दर्शाती है.