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रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव हार के बीच 15 वर्षों तक राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची भगदड़ और पार्टी की लगातार हो रही दुर्गति के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने राजनीतिक इंट्री मारी है. पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर जब से हड़कम्प मचा हुआ है तब से पहली बार सौरभ गांगुली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'दूत' के रूप में काम करने की खबरों का खंडन किया है. दरअसल ऐसी खबरें आ रही थीं कि पूर्व भारतीय टीम के कप्तान सौरभ गांगुली ने यूसुफ पठान, जो कि इस समय बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद है, को सांसदी छोड़ने के लिए मान जाने की बात कही है.
सौरभ गांगुली ने सबसे इन खबरों का खंडन किया कि वह ममता बनर्जी के कहने पर बहरामपुर सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से मिले थे. ताकि उनकी बात मानकर पठान सांसदी से इस्तीफा दे दें, ताकि ममता बनर्जी उस सीट से चुनाव लड़ सकें. दरअसल, ममता बनर्जी इस सीट से इसलिए चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंचना चाहती हैं, क्योंकि यह टीएमसी के लिए बेहद सुरक्षित सीट है. लेकिन सांसद युसूफ पठान इस सीट को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं.
लेकिन इसी बीच यह खबर फैली कि बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने यूसुफ पठान से मिलकर उन्हें मनाने का प्रयास किया. इस खबरों को सौरभ गांगुली ने सिरे से खारिज कर दिया है. गांगुली ने जोर देकर कहा कि इन खबरों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और यह सब मनगढ़ंत बातें हैं. उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि ऐसी आधारहीन खबरों और अफवाहों और अटकलों को हवा न दें.
कुछ भी हो, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी मुश्किल दौर से गुजर रही है. बंगाल चुनाव हार के बाद विधायकों और सांसदों के भी पार्टी से छिटकने की खबरें आ रही हैं. चूंकि ममता बनर्जी भी विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं और उन्हें लगने लगा कि अब बंगाल की राजनीति में उनकी दाल गलने वाली नहीं है. तो वह लोकसभा चुनाव के रास्ते एक बार फिर संसद जाना चाह रही थी, हालांकि टीएमसी के लोकसभा सदस्यों की संख्या इस सयम 29 है, लेकिन उन्हें सबसे सुरक्षित बहरामपुर सीट लग रही थी, जिस पर पूर्व भारतीय क्रिकेट यूसुफ पठान विराजमान है. इसलिए उन्होंने पठान से यह सीट खाली करने को कहा, तो उन्होंने इनकार कर दिया. उसके बाद यह अफवाह उड़ी की ममता बनर्जी ने सौरभ गांगुली से कहा कि वह पठान से बात कर सीट खाली करने को कहें. इन खबरों के हवा में तैरने के बाद सांगुली को सामने आने पड़ा और एक पोस्ट जारी कर उन्होंने इसे सरासर अफवाह बताया.

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