न्यूज 11 भारत बिहार डेस्क
पटना - बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया है। लंबे समय से जारी सियासी उठापटक के बाद अब राज्य को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। NDA विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुने जाने के बाद आज वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही पहली बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा, जो राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ नेतृत्व का नहीं, बल्कि सियासी संतुलन और सत्ता समीकरणों का भी है, जो आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेगा।
हाइलाइट्स-
- बिहार में पहली बार BJP का मुख्यमंत्री
- सम्राट चौधरी आज लेंगे शपथ
- सिर्फ 3 नेताओं का सादगीपूर्ण शपथ समारोह
- BJP कार्यालय में जश्न का माहौल
- सहयोगी दलों को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व
सादगीपूर्ण शपथ समारोह, सिर्फ तीन नेता शामिल
पटना स्थित लोकभवन में सुबह 10:50 बजे आयोजित होने वाला शपथ ग्रहण समारोह सादगीपूर्ण रखा गया है। इस समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ जेडीयू कोटे से वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। खास बात यह है कि इस बार मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा और फिलहाल केवल तीन ही नेता शपथ लेंगे। समारोह में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हो सकते हैं।
BJP मुख्यालय में जश्न, कार्यकर्ताओं के लिए खास इंतजाम
शपथ ग्रहण से पहले ही पटना का बीजेपी मुख्यालय जश्न के रंग में डूब गया है। पूरे दफ्तर को दुल्हन की तरह सजाया गया है और प्रदेश भर से आने वाले कार्यकर्ताओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। कार्यकर्ताओं के लिए लड्डू, पूड़ी और सब्जी की व्यवस्था की गई है, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया है। बताया जा रहा है कि शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी सीधे बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे और वहां कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त करेंगे। यह आयोजन न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का जश्न है, बल्कि कार्यकर्ताओं के लंबे इंतजार और मेहनत का भी प्रतीक माना जा रहा है।
नई सरकार का फॉर्मूला और आगे की रणनीति
नई सरकार के गठन के साथ ही अब सबसे बड़ा सवाल विभागों के बंटवारे और सहयोगी दलों की भागीदारी को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक NDA के सहयोगी दलों—जैसे चिराग पासवान की एलजेपी, जीतन राम मांझी की ‘हम’ और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी—को भी सरकार में जगह मिल सकती है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। बीजेपी और जेडीयू के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयाम तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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