न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: इधर देश भर में चुनाव आयोग की कार्यशैली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन चल रहा है, उधर चुनाव आयोग अगले साल पांच राज्यों में होने की तैयारियों में जुट गया है. खबर है कि चुनाव आयोग पांच राज्यों का दौरा शुरू करने वाला है, वहां की चुनावी स्थिति का जायजा लेने के साथ मॉक पोल भी कराने जा रहा है. बता दें कि 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और गणिपुर में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इन राज्यों का दौरा कर चुनाव अधिकारी राज्यों में चुनावी तैयारियों का जमीनी जायजा लेंगे.
समझा तो यह जा रहा है कि चुनाव अधिरियों की टीमें एसआईआर से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए इन राज्यों का दौरा करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं है, चुनाव आयोग ने इन राज्यों में चुनाव कराने के लिए कमर कस ली है. अधिकारी मुख्य रूप से आगामी विधानसभा चुनावों की समग्र तैयारियों का आकलन करेंगे. खबर है कि इस दौरान चुनाव आयोग इन राज्यों में मॉक पोल भी कराएगा.
आखिर क्या है मॉक पोल और चुनाव आयोग क्यों कराना चाहता है.
मॉक पोल कोई नई चीज नहीं है. यह चुनावी प्रक्रिया है जो चुनाव आयोग चुनावों से पहले करती ही है. यह EVM की फिटनेस की जांच का एक हिस्सा है. जिसमें बैलेट यूनिट + कंट्रोल यूनिट + VVPAT को चेक किया जाता है, मॉक टेस्ट में हर मशीन में 50-100 फर्जी वोट डाले जाते हैं. इससे यह चेक किया जाता है कि बटन सही काम कर रहा है कि नहीं, बटन तबाने के बाद सही लाइट जल रही है कि नहीं. VVPAT में सही पर्ची निकल रही है या नहीं और कंट्रोल यूनिट में गिनती सही आ रही है या नहीं . यह सारी प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने होती है. यानी मॉक पोल का मतलब यह है कि चुनाव आयोग वोटिंग की सारी व्यवस्था चेक करता है.