न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रुप में शपथ ली। संसद भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने सदस्यता ग्रहण की और अब वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस शपथ के साथ ही नीतीश कुमार ने एक खास राजनीतिक रिकॉर्ड भी बना लिया है। वे लालू यादव के बाद बिहार के दूसरे नेता बन गए हैं जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद — चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है।
हाईलाइट्स -
- नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली।
- लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहकर “सुशासन बाबू” के नाम से पहचान बनाई।
- अब वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
- लालू यादव के बाद चारों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, विधान परिषद) के सदस्य बनने वाले बिहार के दूसरे नेता बने।
- 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है।
- 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार के गठन की चर्चा तेज।
- नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सियासी हलचल और कयासबाज़ी जारी।
बिहार में नए मुख्यमंत्री की चर्चा
नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना है। नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कयासों का दौर जारी है। राजनीतिक हलकों में इस बदलाव को बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होना राज्य के सत्ता समीकरणों को नई दिशा दे सकता है।
इस्तीफे के संकेत से बढ़ी सियासी हलचल
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद यह लगभग तय हो गया है कि बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। उन्होंने खुद कहा कि अगले तीन से चार दिनों में वह इस्तीफा दे देंगे और नए नेतृत्व को मौका दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary भी मौजूद रहे।
बिहार में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राजनीतिक गलियारों में Samrat Choudhary का नाम सबसे आगे चल रहा है, लेकिन इसके साथ ही Sanjay Jaiswal समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। बीजेपी और जदयू दोनों ही इस मुद्दे पर फिलहाल सस्पेंस बनाए हुए हैं।
नए मुख्यमंत्री को लेकर तेज अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में बिहार की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है। नई सरकार के गठन को लेकर दोनों दलों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की कमान आखिर किसके हाथों में सौंपी जाती है।
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