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रांची/डेस्क: नेता प्रतिपक्ष बाबुलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के संबंध में पत्र लिखा है. अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि विभागीय मंत्री होने के नाते आपको ज्ञात होगा कि JAPIT ने सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए एक निविदा प्रकाशित की है जिसकी निविदा संख्या JAP-IT/CCTV/PS/01/2026 है. प्रकाशित निविदा में क्रय करने के जितने निर्धारित मापदंड राज्य सरकार द्वारा निर्धारित है उन सभी का घोर उल्लंघन किया गया है. निविदा को कैबिनेट/सरकार के आदेश बावजूद GeM पोर्टल पर नहीं निकल कर इसे Jharkhand Tenders निकला गया है क्योंकि जो शर्तें व मापदंड रखे गए हैं ये सभी नियम विरुद्ध हैं तथा GeM पोर्टल पर नियम विरुद्ध कार्य करने की अनुमति प्राप्त नहीं हुई.
बाबूलाल मरांडी ने आगे लिखा कि विभागीय सचिव पूजा सिंघल को एक पत्र निविदा प्रकाशन के बाद पत्रांक संख्या : 337 दिनांक 07/02/2006 लिखा है (अनुलग्नक-1). इसे पढ़ने से साफ़ प्रतीत होता है कि उन्होंने विभागीय सचिव के मौखिक आदेश पर ऐसा किया है. निविदा निकालने के बाद जब आभास हुआ कि गलतियाँ होने की वजह से भ्रष्टाचार में फँस सकते हैं तब वो अपने विभागीय सचिव से उन सभी विषयों पर जो नियम विरुद्ध है, घटनोत्तर स्वीकृति माँग रहे हैं. निविदा में हेरफेर करने के लिए इसको procurement of products and its services के जगह “सर्विस प्रोवाइडर” शब्द का प्रयोग किया गया जबकि ये पूर्ण रूप से गलत है.
आप यह जानकार आश्चर्य करेंगे कि निविदा JAPIT ने निकाला है और इसका मूल्यांकन सूचना प्रौद्योगिकी विभाग करेगा, इसका पत्र भी निदेशक IT के हस्ताक्षर से पत्रांक 21, दिनांक 16.02.2026 को निर्गत किया गया है, जो आपके द्रष्टव्य संलग्न है. (अनुलग्नक-2) समिति में JAPIT से एक ऐसी महिला कर्मचारी को रखा गया है जो दबाव में आकर कहीं भी हस्ताक्षर कर दे लेंकिन जिन कर्मचारियों के अंतर्गत ये काम आता है उनको मूल्यांकन के इस पूरी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है.
जैसा कि मुझे ज्ञात हुआ है कि संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देकर फाइल बढ़ाया गया और सभी कर्मचारीयो को मुख्यमत्री हाउस के नाम पर डराया जा रहा है. वैसे भी आपकी सरकार में जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी वो उतने बड़े पद पर पदस्थापित किया जाता है. विभाग के अंतर्गत आने वाली एक और संस्था JCNL जिसकी CEO विभागीय सचिव पूजा सिंघल ही है वहाँ भी सभी नियम क़ानून को ताक पर रखकर कार्य आवंटित किए जा चुके हैं और भारी भरकम बिल का भुगतान बिना किसी कार्य के किये ही किया गया है जिसे अब फाईल पर दुरुस्त करने की कार्यवाही चल रही है.
CCTV के निविदा में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से एक ख़ास कंपनी जो पहले से रांची जेल में सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम किया, जिसने सभी वीडियो फुटेज रिकॉर्ड गायब कर दिए, उसको ही यह कार्य देने की तैयारी की जा चुकी है. जैसा कि मैंने शराब घोटाले के पहले भी आपको पत्र लिखकर आगाह किया था लेकिन आप माने नहीं, जिसका परिणाम आपके सामने है. मुझे पता है कि आप फिर उसी नक्शे कदम पर चल रहे हैं जिसका परिणाम शराब घोटाले की तरह ही होने वाला है. आपसे अपेक्षा करता हूँ कि CCTV अधिष्ठापन में भ्रष्टाचार की आंशका को देखते हुए तुरन्त इस निविदा को रद्द कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे अन्यथा भ्रष्टाचार की लपटें फिर आप तक पहुँच सकती है.
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