न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना : बिहार की राजनीति एक बार फिर नए संकेतों और चर्चाओं से गरमा गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर मुख्यमंत्री पद की मांग अब सार्वजनिक मंचों पर खुलकर उठने लगी है। जगह-जगह बैनर और पोस्टर के जरिए उन्हें सीएम बनाने की मांग दिखाई दे रही है।
हाइलाइट्स:
- नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के सामने ‘CM निशांत’ के नारे लगे
- पटना के कार्यक्रम में अचानक गूंजे राजनीतिक नारे
- महिलाओं के सत्याग्रह और पोस्टरों से बढ़ी चर्चा
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए अभिवादन स्वीकार करते रहे
- बिहार की सियासत में नई अटकलों और बहसों का दौर तेज
गांधी मैदान में महिलाओं का सत्याग्रह
पटना के गांधी मैदान में महिलाओं ने निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर सत्याग्रह किया। इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
कार्यक्रम में गूंजे ‘सीएम निशांत’ के नारे
सोमवार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे, तो वहां पहले ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारे लगे। लेकिन कुछ ही देर बाद भीड़ से ‘बिहार का सीएम निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे भी सुनाई देने लगे, जिससे माहौल चर्चा में आ गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।
मुस्कुराते रहे मुख्यमंत्री
नारेबाजी के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शांत नजर आए और मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए आगे बढ़ गए। उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इधर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इससे पहले वे विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
सरकार गठन को लेकर मंथन तेज
सूत्रों के अनुसार खरमास के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। भाजपा और जदयू के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। गृह विभाग और विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच निशांत कुमार का नाम लगातार सुर्खियों में है, जिससे बिहार की सियासत में नई बहस और कयासों का दौर शुरू हो गया है।
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