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रांची/डेस्क: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय की विधानसभा सदस्यता दलबदल विरोधी कानून के तहत रद्द कर दी है. न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह फैसला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भाजपा विधायक अंबिका रॉय की याचिकाओं पर सुनाया. अदालत ने मुकुल रॉय को राज्य विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया.
मुकुल रॉय ने वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर जीता था चुनाव
मुकुल रॉय ने वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर जीत हासिल की थी. हालांकि, उसी वर्ष अगस्त में वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हो गए थे.
शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका
शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें अध्यक्ष ने मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज कर दी थी. अधिकारी का आरोप था कि भाजपा के टिकट पर निर्वाचित होने के बावजूद रॉय ने सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल होकर दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन किया.
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