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लाइफस्टाइल/डेस्क: झारखंड में नए वायरस आने से लोगों में और स्वास्थय विभाग में हलचल मच गई है. इस वायरस का नाम है रूबेला वायरस इसे आम भाषा में जर्मन खसरा भी कहा जाता है. इस वायरस का पहला असर 10 साल की एक बच्ची में देखा गया. बात करें इस रूबेला वायरस की तो यह ऐसी बिमारी है जो RuV वायरस के संक्रमण से होती है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है. अगर ये किसी प्रेग्नन्ट महिला को जो जाए तो पेट में पल रहे बच्चे को जन्म से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती है. जानें क्या है इसके लक्षण और किन-किन चीजों को नहीं करना है नजरअंदाज.
क्या है रूबेला वायरस के लक्षण?
हल्के दाने होना इस वायरस का मुख्य लक्षण माना जाता है. यह चेहरे से शुरु होकर शरीर के बाकी हिस्सों में फैल जाता है. छोटे बच्चों में अगर कोई असामान्य दानें दिख रहें हैं तो इसे नजरअंदाज न करें. क्योंकि, बच्चों में दानें अक्सर पहला लक्षण होता है. वहीं, बड़े बच्चों और वयस्कों में दाने अन्य कुछ लक्षणों के शुरु होने के बाद दिखाई देते हैं. ध्यान देने वाली बात ये है कि कई लोगों में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते है. लेकिन फिर भी वे रूबेला को दूसरों में फैला सकते हैं. रूबेला के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- खरोच
- हल्का बुखार
- खांसी
- गला खराब होना
- बहती नाक
- सिरदर्द
- गुलाबी आंख
- जोड़ों में दर्द
- बेचैनी
- सूजी हुई लसीका ग्रंथियां
क्या है इलाज ?
रूबेला वायरस के लिए ऐसे तो कोई इलाज नहीं है. यह आमतौर पर खुद ठीक हो जाता है. लेकिन, अगर यह वायरस किसी व्यक्ति में पॉजिटिव निकल आए, तो ऐसे में दूसरे लोगों से स्वस्थ्य होने तक दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
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