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सोनाहातू/डेस्क: प्रखंड क्षेत्र बारेन्दा पंचायत के स्वर्णरेखा नदी के सती घाट पर पांच परगना क्षेत्र का ऐतिहासिक टुसू मेला 15 जनवरी को लगाया जाएगा. मेले को लेकर कमेटी और ग्राम प्रधान,मुखिया द्वारा तैयारी को लेकर शुक्रवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई ग्राम सभा में निर्देश दिए हैं कि मेले में शराब, नशा और जुआ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. बैठक में सर्वसम्मति से पूर्व की समिति को ही पुनः मेला संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार सुप्रसिद्ध इस धार्मिक स्थल मेले में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के मनोरंजन के लिए इस बार भी कई आकर्षण रहेंगे. बच्चों और युवाओं के लिए 55 फीट ऊंचा हवाई झूला, ट्रेन झूला और रोमांच पसंद करने वालों के लिए मौत का कुआं प्रमुख आकर्षण होंगे साथ ही सोनाहातू थाना से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की जाएगी ताकि अव्यवस्था न हो. ग्राम पंचायत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में शराब, नशा और जुआ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ग्राम सभा की बैठक में अध्यक्ष चौधरी महतो, सचिव हरे कृष्णा महतो, लम्बोदर महतो, मुखिया सुभद्रा देवी, ग्राम प्रधान अनिल मुंडा, माधप सिंह मुंडा,राजा श्री खिरोद सिंह देव,भृगूराम कोईरी,अंजली देवी,बुधू सिंह मुंडा, महेश्वर सिंह मुंडा, रसोराज नागशेन, ग्राम प्रधान मदन सिंह मुंडा, झामुमो सोनाहातू प्रखंड अध्यक्ष राजू सिंह मुंडा, दिनेश महतो, मृत्युंजय सिंह मुंडा, भुतनाथ सिंह मुंडा, हरेकृष्णा सिंह मुंडा,राजू सिंह मुंडा, राजेश्वर कोईरी, शंकर मछुआ, श्रावण मछुआ, सुग्रीव मछुआ, प्रकाश कर्मकार, महेन्द्र महतो, गणेश सिंह मुंडा,ललिता देवी, गुड़िया देवी,मिनीया देवी,रवी सिंह मुंडा,रहीणा सिंह मुंडा, महीन महतो, धन्नजय कोइरी, राजेन कोइरी, जयदेव महतो, राधा गोविंद पुराण, सुनील पुराण, नरेंद्र सिंह,महेश सिंह मुंडा, शिशुपाल महतो, नरेंद्र नाथ सिंह मुंडा, बजरंग सिंह मुंडा, पशुपति कोइरी,चमचांद महतो, नंदु पातर,नबलकिश्वर सिंह देव, गौतम सिंह देव, विश्व बिहारी सिंह देव, बिपीन बिहारी सिंह देव,उप मुखिया किष्टो बनर्जी सहित बारेंदा मौजा के समस्त ग्रामीण मौजूद रहे.
सतीघाट मेला धार्मिक महिमा मे दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद एक वर्ष के भीतर पूरी होती है. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष सुरक्षा की दृष्टि से खास तैयारी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके. हर साल मेले के दौरान लाखों से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और सैकड़ों नारियल नदी मे चढ़ाए जाता हैं. आस्था, परंपरा और विश्वास से जुड़ा यह मेला न सिर्फ तमता बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है.
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