बाबूलाल मरांडी का हमला

रांची में किस अफसर ने खरीद ली साढ़े 7 करोड़ की संपत्ति? बाबूलाल मरांडी का बड़ा दावा, सरकार से जांच की मांग 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लगता है सरकारी नौकरी कुछ लोगों के लिए जनसेवा कम और “कुबेर का खजाना” ज्यादा साबित होती है. 

By : Dipali Kumari
रांची में किस अफसर ने खरीद ली साढ़े 7 करोड़ की संपत्ति? बाबूलाल मरांडी का बड़ा दावा, सरकार से जांच की मांग 

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क: 
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर से राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है. इस बार उन्होंने ब्यूरोक्रेट्स द्वारा अर्जित अत्याधिक धन और संपत्ति को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. 
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दावा किया है कि इन दिनों सुर्खियों में चल रहे एक पूर्व नौकरशाह (ब्यूरोक्रेट्स) ने रांची के अशोकनगर में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये के बड़े भूखंड-मकान का सौदा किया है. दिलचस्प बात यह है कि रांची में पहले से ही भव्य मकान और कई नामी-बेनामी जमीनें होने की चर्चाएं लगातार होती रहती है. उन्होंने इस मुद्दे पर कहा कि लगता है सरकारी नौकरी कुछ लोगों के लिए जनसेवा कम और “कुबेर का खजाना” ज्यादा साबित होती है. 

सीएम हेमंत के 'चहेते' अफसर पर सवाल!

इस पूरे मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि "वैसे तो आपको खबर होगी ही. आखिर साहब कभी आपके बेहद 'चहेते' अफसरों में गिने जाते थे, तभी तो इनके कथित काले कारनामों और विवादों का इतिहास जानते हुए भी आपने इन्हें एक साथ कई महत्वपूर्ण और मालदार पदों की जिम्मेदारी सौंप रखी थी. मानो मांस सुखाने के लिए रखकर उसकी रखवाली का जिम्मा गिद्ध को ही दे दिया गया हो."

बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन से इस मुद्दे पर जांच की मांग की है कि आखिर इतनी संपत्ति कहाँ से आई और इसके आय का स्रोत क्या है. खासकर इसकी भी जांच होनी चाहिए कि इस कथित सौदे की रकम का कोई संबंध JSSC नियुक्ति घोटाले से या उससे जुड़े किसी कथित लेन-देन से तो नहीं है?
उन्होंने कहा "मेरा सवाल बेहद सीधा है. अगर संपत्ति वैध कमाई की है तो हिसाब देने में डर कैसा? और अगर हिसाब देने में डर है, तो सवाल और भी गंभीर हो जाता है."

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