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रांची/डेस्क: झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने UGC रेगुलेशन विनियम 2025-26 बहुपयोगी नियमावली को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे लगाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. कैलाश यादव ने कहा कि देश में यूजीसी रेगुलेशन लागू होने पर स्वर्ण समाज द्वारा विरोध किया जा रहा था जो चिंता जाहिर करता है ! लेकिन समानता और असमानता व भेदभाव के बीच की खाई को समाप्त करने पर भी विचार होना चाहिए, क्योंकि असमानता के कारण विगत वर्ष हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुल्ला एवं पायल सहित अन्य को जान गंवानी पड़ी थी !
यादव ने कहा कि राइट टू इक्विटी और राइट टू इक्वालिटी के सवाल पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समता संवर्धन विनियम-2026 पर विशेषकर हिंदी क्षेत्र के स्वर्ण युवाओं-बुजुर्गों का गुस्सा देखकर आश्चर्यचकित होने की जरूरत होनी चाहिए !
यादव ने कहा कि राजद का पक्ष रखते हुए कहा, हम हमेशा कहते आए हैं कि भारतीय समाज कभी सहिष्णु और न्याय पसंद नहीं था और आज भी यही स्थिति है ! हमें आज भी समानता और असमानता की बीच का विषय भविष्य के गर्भ में लगता है कि यूरोपीय समाजों की तरह अपेक्षाकृत सहिष्णु और न्याय पसंद बन जाए, लेकिन मेरा मानना है कि देशहित और बहुपयोगी एकता और अखंडता के लिए प्रयास सदैव जारी रहनी चाहिए !
कैलाश यादव ने कहा कि देशभर में महंगाई से लोग परेशान हैं, रूपये डॉलर के मुकाबले 92 रु हो गया शतक भी छू सकता है,मनरेगा सोना-चांदी की दामों में बेतहाशा वृद्धि,पड़ोसी देश के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का फजीहत जैसे अनेकों ज्वलंत कारण है जिसे ध्यान हटाने के लिए किया गया है!
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