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कुड़ू/डेस्क: कुडू प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गहराते पेयजल संकट को लेकर सांसद प्रतिनिधि लाल विकास नाथ साहदेव ने गंभीर चिंता जताई है. क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि सरकार की महत्वाकांक्षी जल-नल योजना कई जगह अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ गई है. सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि कहीं पानी टंकी खड़ी है तो बोरिंग नहीं, कहीं सोलर प्लेट लगा है तो टंकी ही नहीं लगाई गई है. इस तरह अधूरे ढांचे ग्रामीणों के लिए ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जहां लोग रोजाना एक किलोमीटर तक दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि गर्मी की शुरुआत के साथ ही संकट और भयावह हो गया है. क्षेत्र में मौजूद चापाकल भी जर्जर हालत में हैं, जिससे किसी तरह लोग पानी का इंतजाम कर रहे हैं. ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है. मौके पर सांसद प्रतिनिधि की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग के कर्मियों से बात कर अपनी समस्या रखी. विभागीय स्तर से खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया है. हालांकि लाल विकास नाथ साहदेव ने स्पष्ट कहा कि सिर्फ मरम्मत से काम नहीं चलेगा. जहां चापाकल पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके हैं, वहां नए बोरिंग कराए जाने चाहिए, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके. ग्रामीणों ने खराब चापाकलों की सूची भी विभाग को सौंप दी है. मौके पर राजीव ताना भगत, शुफविलास उरांव, कदीर अंसारी, बिहार उरांव सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.
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