चंचल गिरी/न्यूज़11 भारत
जामताड़ा/डेस्क: जामताड़ा जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने डिजिटल लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के विरोध में गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने का निर्णय लिया है. चैंबर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर जिले के व्यापारी महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक घंटे का सामूहिक उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार व्यापारी सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामूहिक उपवास पर बैठेंगे. इससे पहले गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा. चैंबर ने जिले के छोटे-बड़े दुकानदारों, खुदरा एवं थोक व्यापारियों तथा उद्योग से जुड़े व्यवसायियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है.
संजय अग्रवाल ने कहा कि एक ओर डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल भुगतान पर एमडीआर शुल्क लगाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा. चैंबर का कहना है कि इसका असर छोटे और मध्यम कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है.उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और उपवास के माध्यम से अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष का रास्ता दिखाया था. इसी विचार से प्रेरणा लेते हुए व्यापारी 2 अक्टूबर को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाएंगे.चैंबर ने स्पष्ट किया कि यदि 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को जिला स्तर से राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने पर विचार किया जाएगा.चैंबर के अनुसार गांधी जयंती पर देश के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने डिजिटल भुगतान को लेकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है. जामताड़ा में भी व्यापारी इस अभियान के तहत निर्धारित कार्यक्रम में भाग लेंगे.