अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले में भी पड़ रही भीषण गर्मी ने आम लोगों की जल संकट एक बहुत बड़ी समस्या लेकर आई है, वहीं सरकार भले ही लाख वायदे कर ले की बृहद पैमाने पर पेयजल की समस्या दूर हो गई है लेकिन हक्कीत कुछ और ही बयां कर रही है गढ़वा जिले में, गढ़वा जिले के केतार प्रखंड क्षेत्र के सिंहपुर दक्षिणी टोला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. पीएचडी विभाग द्वारा लगाया गया चापानल पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
स्थिति ऐसी है कि लोगों को पीने के पानी के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है. भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच पानी की मजबूरी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं हाथी के दांत साबित हो रही हैं दिखाने के कुछ और, और जमीनी हकीकत कुछ और है. उनका कहना है कि अगर समय रहते चापानल की मरम्मत नहीं कराई गई तो पेयजल संकट और गहरा सकता है, जिससे पालतू पशुओं के जीवन पर भी खतरा मंडराता हुआ दिख रहा है.
हालांकि गढ़वा जिला प्रशासन ख़राब पड़े चापानल को जारी की गई पोर्टल पर दर्ज कराने की भी अपील किया है,वहीं अब देखने वाली बात होगी की इस खबर के बाद कब तक ग्रामीणों की प्यास जिला प्रशासन बुझा पाती है. ग्रामीणों में छुनु राम, भरदुल पासवान, रामकुमार राम, राहुल, पन्ना देवी, मंगरी देवी, विनोद राम सहित कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द चापानल की मरम्मत कर पानी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है.
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