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गोमिया/डेस्क: गोमिया क्षेत्र में हाथियों के झुंड द्वारा हुई हृदयविदारक घटना, जिसमें दो निर्दोष लोगों की दर्दनाक मृत्यु हुई और चार लोग घायल हुए, पूरे राज्य को शोक और पीड़ा में डुबो देने वाली है. यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन परिवारों की असहनीय त्रासदी है जिनके घरों के चिराग बुझ गए. इस दुखद समाचार ने समाज और शासन - दोनों को भीतर तक झकझोर दिया है.
रिम्स पहुंचे मंत्री डॉ इरफान अंसारी और मंत्री योगेंद्र प्रसाद
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं मंत्री योगेंद्र महतो तत्काल सक्रिय हुए और घायलों का हालचाल जानने के लिए रिम्स पहुँचे. दोनों मंत्रियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर संभव संसाधन उपलब्ध कराया जाए. चिकित्सकों ने अवगत कराया कि चारों बच्चे एवं एक महिला खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार जारी है.
परिजनों से क मुलाकात
दोनों मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के भीतर ₹4-4 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी तथा घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के दर्द की भरपाई संभव नहीं, लेकिन सरकार उनकी हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेगी.
हाथियों के लगातार बढ़ते प्रकोप पर दोनों मंत्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त की
इस अवसर पर हाथियों के लगातार बढ़ते प्रकोप पर दोनों मंत्रियों ने गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा का प्रश्न नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच बिगड़ते संतुलन का गंभीर संकेत है. आखिर ये हाथी क्यों आक्रामक हो रहे हैं, क्यों जंगलों से निकलकर आबादी की ओर बढ़ रहे हैं — यह गंभीर मंथन का विषय है. जंगलों का सिकुड़ना, मानवीय विस्तार और संसाधनों की कमी जैसे कारणों की समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालना समय की माँग है. संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि मानवीय संवेदनशीलता एवं वन्यजीव संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए ठोस रोकथाम उपाय सुझाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोहराई न जाए.
मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि क्षेत्र का जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़े रहें. उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों को समुचित इलाज मिलेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी.
"रिम्स-2 की आवश्यकता महसूस की जा रही"
पत्रकारों से बातचीत में दोनों मंत्रियों ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि रिम्स के विस्तार एवं बेहतर आधारभूत संरचना की दिशा में सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे बड़े राज्य में रिम्स-2 की आवश्यकता महसूस की जा रही है तथा इस दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी शीघ्र निर्णय लेंगे. साथ ही विपक्ष से सकारात्मक सुझाव देने की अपील की गई, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके.
राज्य सरकार इस घटना से अत्यंत व्यथित है और पुनः स्पष्ट करती है कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी. साथ ही मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु दीर्घकालिक समाधान पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
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