वीरेन्द्र शर्मा/न्यूज11 भारत
बरही/डेस्क: चौपारण में राष्ट्रीय राजमार्ग के 4/6 लेन चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित रैयतों को राहत देने के लिए चौपारण प्रखंड परिसर स्थित अंचल कार्यालय में विशेष मुआवजा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में बारा ए एवं बारा बी मौजा के दर्जनों भूमि स्वामी और ग्रामीण पहुंचे और मुआवजा भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली.
जिला भू-अर्जन कार्यालय, हजारीबाग के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में भूमि अधिग्रहण और प्रभावित संरचनाओं के मुआवजे से संबंधित लंबित मामलों के निपटारे का प्रयास किया गया. अधिकारियों ने मौके पर ही रैयतों के दस्तावेजों की जांच की और भुगतान प्रक्रिया में आ रही तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की जानकारी दी.
रैयतों ने रखी अपनी पीड़ा
शिविर में पहुंचे रैयतों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों का कहना है कि वे 2015 से मुआवजे के लिए अंचल कार्यालय और हजारीबाग स्थित भू-अर्जन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं.
रैयतों ने आरोप लगाया कि काम कराने में अनावश्यक परेशानी हो रही है और बिना पैसे के काम नहीं हो रहा है. उनका कहना है कि रोड चौड़ीकरण के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, बिजली के करंट की समस्या बनी हुई है, और उनके आवास तोड़े जा रहे हैं.
ग्रामीणों ने कहा, "अगर समय पर मुआवजा नहीं मिलेगा तो हम कहां जाएंगे, अपना घर-आशियाना कैसे बनाएंगे? बारा गांव के लोग बहुत परेशान हैं."
अधिकारियों का आश्वासन
अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और भरोसा दिलाया कि सभी पात्र रैयतों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
शिविर में अंचल अधिकारी संजय कुमार यादव, अंचल निरीक्षक शशिकांत कुमार, राजस्व कर्मचारी सतेंद्र कुमार, भू-अर्जन विभाग के पप्पू गोप और एनएचएआई के इंजीनियर मुकेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे.
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति से साफ है कि परियोजना प्रभावित लोग मुआवजा भुगतान को लेकर गंभीर हैं और जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: बोकारो से लापता युवती पुष्पा कुमारी मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई, केस में इंवेस्टिगेशन आगे जारी रहेगा