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रांची/डेस्क: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड के. रवि कुमार ने कहा कि आगामी 19 एवं 20 नवम्बर को ELC-2.0 का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने सभी जिलों में गठित Electoral Literacy Clubs (ELCs) को पुनर्गठित एवं सक्रिय करते हुए निर्धारित प्रारूप के अनुसार कार्यक्रम की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि ELC-2.0 का प्रमुख उद्देश्य जिला एवं ग्राम स्तर के साथ-साथ स्कूल एवं कॉलेजों में गठित ELC को सक्रिय कर युवा एवं पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता के रूप में पंजीकरण तथा मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक एवं शिक्षित करना है. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ELC की गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने का निर्देश दिया.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के क्रम में चल रही सुनवाई के दौरान मतदाताओं से SIR के लिए किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जानी है. पहले से उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच करते हुए नियमानुसार स्पीकिंग ऑर्डर पारित किया जा सकता है.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त नए एवं युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समयबद्ध डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि नजरी नक्शे के अनुसार तैयार किए गए मतदान केंद्रों की एक बार पुनः जांच एवं स्थल निरीक्षण कर लिया जाए तथा इसके आधार पर मतदान केंद्रों का अंतिम प्रारूप तैयार किया जाए.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ERO एवं AERO को निर्देश दिया कि BLO के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं, ताकि पुनरीक्षण से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके. वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित समीक्षा सह शंका निवारण सत्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में एक भी पात्र भारतीय नागरिक छूटे नहीं एवं एक भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो सके.
शंका निवारण सत्र में पूछे गए कुछ प्रश्न एवं उनके उत्तर
प्रश्न:- एक व्यक्ति जिसका जन्म 1934 में हुआ है एवं उनके पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है ऐसे में क्या करें?
उत्तर– मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा ऐसे वृद्ध मतदाताओं का उनके बच्चों अथवा नाती पोते से जो पात्र भारतीय नागरिक है से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज करते हुए उनका मतदाता सूची में नाम जुड़वाए.
प्रश्न– यदि कोई महिला मतदाता अपने ससुराल में रह रही है और उसके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें.
उत्तर– मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि महिला मतदाताओं के वेरिफिकेशन के लिए उनके माता पिता से मैपिंग ही मान्य है. ऐसे मतदाताओं का यदि वो पात्र भारतीय नागरिक हैं, तो उनके माता पिता अथवा भाई बहन द्वारा मतदात सूची में समर्पित किए जा रहे मान्य दस्तावेजों को संकलित करते हुए ऐसे पात्र भारतीय महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाए.
प्रश्न– मतदाताओं द्वारा मुखिया स्तर पर वंशावली समर्पित किए जा रहें है क्या ये मान्य हैं?
उत्तर:- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि केवल सक्षम पदाधिकारियों/अंचल अधिकारी के स्तर पर जारी किए हुए वंशावली अथवा किसी प्रकार के पारिवारिक सूची ही मान्य है.
इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के ERO एवं AERO उपस्थित थे.