अमित दत्ता/न्यूज11 भारत
बुंडू/डेस्क: अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ 1831 ई. में हुए कोल विद्रोह के वीर सेनानी बुली महतो के सम्मान में 27 नवंबर को सोनाहातु प्रखंड के भकुआडीह चौक पर उनके प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद प्रतिमा स्थापना को लेकर जारी विवाद पर आपसी सहमति बन गई है.
जानकारी के अनुसार, JLKM के नेताओं और शहीद बुली महतो प्रतिमा स्थापना समिति के बीच इस बात को लेकर विवाद हुआ था कि प्रतिमा का अनावरण किसके द्वारा किया जाएगा.
JLKM पक्ष चाहता था कि अनावरण पार्टी स्तर से बुली महतो के वंशजों द्वारा किया जाए, जबकि समिति अपनी ओर से प्रतिमा स्थापित करने पर अड़ी हुई थी.
मामला गंभीर होता देख एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा के नेतृत्व में सोनाहातु प्रखंड सभागार में चार घंटे तक बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों सहित शहीद बुली महतो के वंशज भी उपस्थित रहे.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रतिमा अनावरण से जुड़ा अंतिम फैसला बुली महतो के वंशजों का ही मान्य होगा प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समारोह शांतिपूर्ण और गरिमा पूर्ण तरीके से संपन्न कराया जाएगा.
बता दें कि बुली महतो ने कोल विद्रोह के दौरान अंग्रेजों और जमींदारों के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था. उनके साहस और बलिदान ने अंग्रेजी शासन को हिला दिया था. पुरुलिया क्षेत्र में गिरफ्तारी के बाद कठोर सजा झेलने वाले इस वीर सपूत के योगदान को इतिहास में पूरा स्थान नहीं मिल पाया. अब उनके सम्मान में स्थानीय लोग उनके पराक्रम की याद को फिर से जीवित करने जा रहे हैं.
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