संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
सरायकेला/डेस्क: सरायकेला-खरसावाँ जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है. जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “आदि कर्मयोगी अभियान” एवं “धरती आबा जनभागीदारी अभियान” के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में सरायकेला-खरसावाँ जिले का चयन किया गया है.
इस अवसर पर आज दिनांक 17 अक्टूबर, 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित “आदिकर्मयोगी अभियान नेशनल कॉन्क्लेव” में महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा सरायकेला-खरसावाँ जिले के उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) को सम्मान प्रदान किया गया.
यह सम्मान जिले में जनजातीय सशक्तिकरण, समावेशी विकास, नवाचार आधारित प्रशासनिक कार्यशैली और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के उत्कृष्ट परिणामों के लिए दिया गया है.
प्रमुख उपलब्धिया
- जनजातीय ग्रामों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट – आवास, सड़क, शिक्षा, पोषण, पेयजल और आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य.
- PESA अंतर्गत पंचायतें – 132
- Forest Rights Act (FRA) अंतर्गत पंचायतें – 67 (ग्रामों की संख्या – 311)
- शैक्षणिक संस्थान – प्राथमिक विद्यालय 818, मध्य विद्यालय 502, उच्च विद्यालय 101 (कुल 1421 विद्यालय)
- आंगनबाड़ी केंद्र – 1373
- स्वास्थ्य केंद्र – PHC: 14, CHC: 08
- संचालित छात्रावासों की संख्या – 28
- कौशल प्रशिक्षण – DDU-GKY अंतर्गत 5793 लाभार्थी एवं राज्य कौशल मिशन के तहत 705 बैच
- प्रशिक्षित शिक्षक – 4001
- डिजिटल लर्निंग सेंटर – 199
इन पहलों से जिले के जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में ठोस सुधार हुआ है और प्रशासन ने विकास योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन का संकल्प लिया है.
इस अवसर पर झारखण्ड राज्य के सरायकेला-खरसावाँ, पाकुड़, जामताड़ा, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों को भी सम्मानित किया गया.
यह उपलब्धि साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद, समर्पण, नवाचार और जनभागीदारी के बल पर समावेशी विकास का सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया जा सकता है.
इस सम्मान से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हुई है, बल्कि यह हर नागरिक के लिए गर्व का विषय है.
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