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रांची/डेस्क: झारखंड मुक्ति मोर्चा की नेत्री और राज्यसभा सांसद महुआ मांझी को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी ने उनकी क्वैशिंग याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी, निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान तथा दाखिल चार्जशीट को खारिज कर दिया.
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा था मामला
यह मामला झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान का है. चुनाव अवधि में राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू थी. आरोप था कि हिंदपीढ़ी इलाके में महुआ मांझी के समर्थन में प्रचार सामग्री प्रदर्शित की गई थी. इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए मौके पर तैनात पर्यवेक्षक ने हिंदपीढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसके बाद 29 जनवरी 2025 को उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिस पर निचली अदालत ने संज्ञान भी ले लिया था.
हाई कोर्ट में दी थी चुनौती
प्राथमिकी और अदालत के संज्ञान को चुनौती देते हुए सांसद महुआ मांझी ने झारखंड हाई कोर्ट में क्वैशिंग याचिका दायर की थी. उन्होंने दर्ज प्राथमिकी और निचली अदालत की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की थी. मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने महुआ मांझी के पक्ष में फैसला सुनाया और प्राथमिकी, चार्जशीट तथा निचली अदालत के संज्ञान को रद्द कर दिया.
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