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पलामू/डेस्क: त्योहारी और शादी-विवाह के सीजन में बाजार में बेहद कम दाम पर बेची जा रही रेडीमेड मिठाइयों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. नौडीहा पंचायत के मुखिया मंदिप मेहता को ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि बाजार में मिलावटी मिठाइयों की आपूर्ति की जा रही है, जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में मिठाई लादकर विभिन्न दुकानों में सप्लाई करने जा रहा था. पूछताछ के दौरान उसकी पहचान संदीप के रूप में हुई. युवक ने स्वीकार किया कि उसकी मिठाई बनाने की एक फैक्ट्री सतबरवा में स्थित है, जहाँ से वह आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की दुकानों में थोक भाव में मिठाइयों की आपूर्ति करता है.
जब मुखिया ने युवक से मिठाई की कीमतों के बारे में जानकारी ली, तो उसने बताया कि वह लड्डू मात्र 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दुकानों पर उपलब्ध करा रहा है. आज के समय में इतनी कम कीमत सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और अन्य लोग हैरान रह गए. इतनी कम लागत में मिठाई तैयार होने पर लोगों ने इसकी गुणवत्ता और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर गहरा संदेह जताया.
मामले की गंभीरता और जनस्वास्थ्य को खतरे में देखते हुए मुखिया मंदिप मेहता ने तुरंत खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (फूड इंस्पेक्टर) लव कुमार गुप्ता को फोन पर मामले की जानकारी दी. उन्होंने अधिकारी से त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए, साक्ष्य के तौर पर मिठाई के कुछ नमूने अपने पास सुरक्षित रख लिए.
सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम हरकत में आई. फूड इंस्पेक्टर लव कुमार गुप्ता ने मुखिया से मिठाई के नमूने एकत्र किए और तुरंत सतबरवा तथा पोलपोल क्षेत्र में स्थित संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की. प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मिठाई निर्माण की यह फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस और मानकों के अवैध रूप से संचालित की जा रही थी. खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से मिठाई के और भी सैंपल जब्त कर उन्हें प्रयोगशाला (लैब) जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
फूड इंस्पेक्टर लव कुमार गुप्ता ने मामले पर स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की पुष्टि होते ही संबंधित दोषियों के खिलाफ कानूनन सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. दूसरी ओर, मुखिया मंदिप मेहता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों और लगन के इस सीजन में बाजारों में बिक रही मिठाइयों की नियमित और सघन जांच कराई जाए, ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ होने वाले किसी भी खिलवाड़ को रोका जा सके.