अहिरपूर्वा में सड़क-नाली निर्माण को लेकर संवेदक पर उठे सवाल, योजना बोर्ड नहीं लगाने का आरोप

सड़क-नाली निर्माण

अहिरपूर्वा में सड़क-नाली निर्माण को लेकर संवेदक पर उठे सवाल, योजना बोर्ड नहीं लगाने का आरोप

बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के अहिरपूर्वा गांव में पश्चिमी जिला परिषद के अनुशंसा पे डी एम एफ टी मदद से कराए जा रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं.

अहिरपूर्वा में सड़क-नाली निर्माण को लेकर संवेदक पर उठे सवाल योजना बोर्ड नहीं लगाने का आरोप 

प्रमोद कुमार/न्यूज 11 भारत 
बरवाडीह/डेस्क:
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के अहिरपूर्वा गांव में पश्चिमी जिला परिषद के अनुशंसा पे डी एम एफ टी मदद से कराए जा रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं. निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही स्थानीय लोगों ने कई अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि संवेदक द्वारा 21 जून को योजना का भूमिपूजन किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के बावजूद अब तक निर्माण स्थल पर योजना सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है. इसके कारण ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि योजना किस मद से संचालित की जा रही है, उसकी प्राक्कलित लागत कितनी है, कार्य की अवधि क्या है तथा निर्माण एजेंसी या संवेदक कौन है. लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में योजना सूचना बोर्ड लगाया जाना पारदर्शिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसकी अनदेखी की जा रही है. 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नाली की खुदाई के दौरान निकाले गए पुराने पत्थरों का उपयोग सड़क की सोलिंग में किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि पुराने और अनुपयुक्त पत्थरों का इस्तेमाल किया गया तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और सड़क की मजबूती पर भी असर पड़ सकता है. वहीं, निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें निर्धारित मजदूरी कितनी मिलेगी. मजदूरों का कहना है कि कार्य शुरू होने के बावजूद मजदूरी दर की जानकारी नहीं मिलने से उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि क्षेत्र में एनजीटी के निर्देशों के बावजूद निर्माण कार्य के लिए बड़ी मात्रा में पत्थर एवं निर्माण सामग्री का भंडारण किया गया है. उनका कहना है कि यदि इस सामग्री का संग्रहण निर्धारित नियमों के विपरीत किया गया है, तो इसकी भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराने, निर्माण स्थल पर तत्काल योजना सूचना बोर्ड लगाने, मजदूरों को निर्धारित मजदूरी की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्माण सामग्री के भंडारण की वैधता की जांच करने की मांग की है.

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