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रांची/डेस्क: झारखंड में आने वाली राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड में आ गया हैं. राज्यभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की अब झारखंड पुलिस समीक्षा करेगी. इसे परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और गड़बड़ी रोकने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा हैं.
समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से तीन बिंदु
इस संबंध में राज्य की डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी के साथ 22 अप्रैल को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई हैं. इस बैठक में आगामी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था, पुराने मामलों की स्थिति और कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा होगी. बैठक में मुख्य रूप से नीट (यूजी) परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया जाएगा. साथ ही पहले आयोजित नीट, जेईई, जेएसएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
इसके अलावा राज्य के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों के खिलाफ दर्ज लंबित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा होगी. पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि किन मामलों में जांच लंबी चली, कहां कार्रवाई रुकी और किन मामलों में अब तक गिरफ्तारी या कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों या अन्य कारणों से दर्ज मुकदमों की पूरी जानकारी तय प्रारूप में भेजी जाए. इसमें थाना का नाम, कांड संख्या, दर्ज धाराएं, घटना की तारीख, अपराध की प्रकृति, अभियुक्तों की संख्या, गिरफ्तारी या जमानत की स्थिति और मामला लंबित रहने का कारण शामिल करना होगा.
डीजीपी कार्यालय ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि 20 अप्रैल तक हर हाल में रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध करा दी जाए. साथ ही 22 अप्रैल की समीक्षा बैठक में पूरी तैयारी के साथ समय पर उपस्थित रहने का आदेश दिया गया हैं.
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