रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत
चाईबासा/डेस्क: झालसा रांची के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए चाईबासा मौहम्मद शाकिर ने जिले के झींकपानी प्रखंड स्थित संचार वृद्ध आश्रम केंद्र में विधिक जागरूकता कार्यक्रम सह निरीक्षण तथा सामग्री वितरण किया, जिला जज ने आश्रम में निरीक्षण के दौरान वहां पर आवासित वृद्धजनो से बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और उनको मिल रही सुविधाओं का अवलोकन भी किया, उन्होंने प्राधिकार के माध्यम से वृद्ध आश्रम में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी और आश्वासन दिया कि आश्रम में रह रहे लोगों की सुविधाओं का प्राधिकार हमेशा ख्याल रखेगा, विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण अधिनियम 2007 का अनुपालन सभी को करना अनिवार्य है,
यह कानून बच्चों और रिश्तेदारों को उनके माता-पिता और बुजुर्गों की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखने के लिए कानूनी रूप से बाध्य करता है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक उपेक्षित महसूस करता है, तो वह इस अधिनियम के तहत न्यायाधिकरण से मासिक भत्ते और अन्य सहायता की मांग कर सकता है। इस अधिनियम में बुजुर्गों की संपत्ति की धोखाधड़ी से सुरक्षा और अपर्याप्त भरण-पोषण के लिए दंड जैसे प्रावधान भी शामिल हैं
उन्होंने जानकारी कि प्राधिकार के सचिव और अधिकार मित्रों के द्वारा नियमित तौर पर आश्रम में निरीक्षण किया जाता है, और यहां की देखभाल की जाती है, समय-समय पर चिकित्सा सेवा शिविर का भी आयोजन होता रहता है, यह क्रम आगामी समय में भी बना रहेगा, उन्होंने यहां की व्यवस्था पर संतोष जताया और बेहतरी के लिए आवश्यक निर्देश भी प्रदान किए, इस दौरान प्राधिकार के माध्यम से वृद्धजनों को आवश्यक सामग्रियों ऊनी वस्त्र, कंबल , वाशिंग मशीन, छड़ी, कुर्सियां (व्हील चेयर), खाद्य सामग्रियों आदि का भी वितरण किया गया। मौके पर एक चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया और वहां रह रहे सभी 30 लोगों के स्वास्थ्य की भी जांच की गई, कार्यक्रम के दौरान गवर्नमेंट प्लीडर पवन शर्मा, एन डी सी देवेंद्र कुमार, विधि शाखा पदाधिकारी बंधन लौंग, उप सिविल सर्जन शिवचरण हांसदा, बी डी ओ सीमा आइंद, सदर अस्पताल की नेत्र चिकित्सा सेलिन सोसन टोपनो, अधिकार मित्र और न्यायालय के कर्मचारी भी उपस्थित थे, उपरोक्त जानकारी प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने दी है।
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