जनता हाई स्कूल पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार, PIL खारिज

जनता हाई स्कूल

जनता हाई स्कूल पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार, PIL खारिज

रांची के दिघिया स्थित जनता हाई स्कूल को लेकर कार्तिक कुमार धान की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर मंगलवार को अहम सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया.

जनता हाई स्कूल पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार pil खारिज

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
रांची के दिघिया स्थित जनता हाई स्कूल को लेकर कार्तिक कुमार धान की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर मंगलवार को अहम सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में मांग की गई थी कि इस स्कूल को पुनः राष्ट्रीयकृत (Nationalized) घोषित किया जाए, लेकिन अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि यह संस्थान अपने मूल स्वरूप में एक अल्पसंख्यक संस्थान है और उसी रूप में बना रहेगा.

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष यह तथ्य सामने रखा गया कि जनता हाई स्कूल की स्थापना मूल रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा की गई थी. हालांकि बाद के वर्षों में इसे राष्ट्रीयकृत स्कूल का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन कोर्ट ने माना कि इससे इसके मूल चरित्र में कोई बदलाव नहीं आता.

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी शैक्षणिक संस्थान का अल्पसंख्यक दर्जा उसकी स्थापना और उद्देश्य से निर्धारित होता है. यदि किसी संस्थान की स्थापना अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा की गई है, तो उसका यह अधिकार केवल प्रशासनिक निर्णयों के कारण समाप्त नहीं हो सकता.

कोर्ट ने आगे कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 के तहत अल्पसंख्यक समुदायों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और उनका संचालन करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है. यह अधिकार न केवल संस्थान की स्थापना तक सीमित है, बल्कि उसके चरित्र और पहचान की निरंतरता को भी संरक्षित करता है.

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही किसी समय पर स्कूल का राष्ट्रीयकरण किया गया हो, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अल्पसंख्यक समुदाय ने अपने अधिकारों का परित्याग (waiver) कर दिया. कोर्ट के अनुसार, ऐसे मौलिक अधिकार स्वतः समाप्त नहीं होते और न ही उन्हें सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए खत्म किया जा सकता है.

इन्हीं सभी तथ्यों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया और जनता हाई स्कूल, दिघिया के अल्पसंख्यक दर्जे को बरकरार रखा. प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह ने रखा पक्ष वहीं राज्य सरकार की ओर से विभोर मयंक ने पक्ष रखा.

संबंधित सामग्री

गोइलकेरा में बिजली का करंट लगते ही खंभे से गिरा युवक, अस्पताल में तोड़ा दम

झारखंड

गोइलकेरा में बिजली का करंट लगते ही खंभे से गिरा युवक, अस्पताल में तोड़ा दम

गोइलकेरा के धोबाडीहा में हादसा, परिवार में मातम

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पड़ी भारी, बरवाडीह स्टेशन पर यात्री गंभीर रूप से घायल 

झारखंड

चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश पड़ी भारी, बरवाडीह स्टेशन पर यात्री गंभीर रूप से घायल 

बरवाडीह रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की शाम चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया.

ब्लॉक-थाना गेट के सामने फिर शुरू हुआ पोल्ट्री फार्म, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; जनता दरबार में शिकायत

झारखंड

ब्लॉक-थाना गेट के सामने फिर शुरू हुआ पोल्ट्री फार्म, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; जनता दरबार में शिकायत

उपायुक्त ने एसडीओ को दिए जांच के निर्देश 

नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से की मुलाकात 

झारखंड

नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से की मुलाकात 

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से रांची स्थित आवास पर नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर, अपनी जमीन की रक्षा हेतु पुनः आंदोलन करने का आग्रह किया. 

रॉयल्टी चालान की नई व्यवस्था के विरोध में 29 जुलाई को गुमला में संवेदकों का धरना-प्रदर्शन

झारखंड

रॉयल्टी चालान की नई व्यवस्था के विरोध में 29 जुलाई को गुमला में संवेदकों का धरना-प्रदर्शन

रॉयल्टी चालान की नई प्रक्रिया के विरोध में जिला संवेदक संघ, गुमला के बैनर तले 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को नया समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.