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रांची/डेस्क: कुछ महीनों से जिस प्लास्टिक के नोट बाजार में आने की चर्चा चल रही थी, अब वह सच होने जा रही है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. शुरू में प्रायोगिक तौर पर 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट बाजार में आएंगे. आरबीआई ने केन्द्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब इन नोटों को बाजार में उतारने जा रहा है.
केंद्र सरकार ने शुरुआत में 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को ट्रायल के तौर पर RBI के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. लोकसभा में लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी है. पंकज चौधरी के अनुसार, RBI ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम के तहत केंद्र सरकार से यह अनुमति मांगी थी. उन्होंने बताया कि ट्रायल सफल रहने पर नोटों को नियमित प्रचलन में लाया जाएगा. मंत्री ने बताया कि कागजी नोट बंद किए जाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है.
प्लास्टिक नोटों के प्रचलन से क्या होगा?
खबरों केअनुसार, RBI ने यह महसूस किया है प्लास्टिक के नोटों का प्रचलन सही होगा. हाल में केन्द्रीय रिजर्व बैंक की जो बैठकें हुई हैं, उनमें इस विषय पर काफी चर्चा भी हुई है. काफी सोच समझ कर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने का उसने मन बनाया है. नोटों का स्वरूप बदलने के पीछे कागजी नोटों की उम्र भी रिजर्व बैंक के लिए चिंताजनक है. बार-बार इस्तेमाल होने पर कागजी नोट फट जाते हैं या गंदे हो जाते हैं, जिससे लोग इन्हें लेने में आनाकानी भी करते हैं. ये कटे-फटे और गंदे नोट रिजर्व बैंक के लिए सिरदर्द बन जाते हैं क्योंकि उन्हें फिर से नये नोट छापने पड़ते हैं. RBI के आंकड़ों के अनुसार, वित्तवर्ष 2025 में लगभग 23.8 अरब खराब नोट नष्ट बदलने पड़े. ऐसा हर साल होता है. यह काम सरकार और RBI को काफी महंगा पड़ता है.
आरबीआई छोटे नोटों से करेगा ट्रायल
आरबीआई अपना यह पायलट प्रोजेक्ट छोटे नोटों से शुरू कर सकता है। पहले ₹10 और ₹20 जैसे छोटे नोटों से टेस्टिंग की जाएगी, क्योंकि ये सबसे ज्यादा प्रचलन में भी रहते हैं और जल्दी खराब भी होते हैं. छोटे नोटों के सफल ट्रायल के बाद ही रिजर्व बैंक बड़े नोटों को प्रचलन की तैयारी करेगा. अगर आरबीआई का यह ट्रायल सफल हो जाता है तो निश्चित तौर पर हर साल नोट बदलने में जो अरबों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, उसका बोझ कम हो जाएगा. क्योंकि प्लास्टिक नोटों की उम्र कागजी नोटों से निश्चित तौर पर लम्बी होगी. साथ ही उम्मीद है कि नकली नोटों के प्रचलन पर भी लगाम लग सकेगी, क्योंकि प्लास्टिक के नोटों के होलोग्राम की नकल करना मुश्किल होगा.
प्लास्टिक के नोटों की खासियत
प्लास्टिक के नोट पतले फ्लेक्सिबल प्लास्टिक से बने होंगे जिन्हें कागज की तरह मोड़ सकते हैं, लेकिन ये ज्यादा टिकाऊ होंगे और इनके कटने, फटने, पानी में गलने का भय नहीं होगा. जहां, कागज के नोटों की उम्र 1 साल माना जाता है, वहीं, प्लास्टिक नोट 5 साल आराम से चल सकते हैं. सबसे बड़ी बात इसके सुरक्षा फीचर हैं, इनमें मेटामेरिक इंक, माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम लग सकते हैं.
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