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रांची/डेस्क: झारखंड में डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है. IMA झारखंड ने राज्य के कुल 9 चिकित्सा संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है. डॉक्टरों की सुरक्षा, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन, Clinical Establishment Act में संशोधन, सरकारी चिकित्सकों के लिए DACP, जूनियर डॉक्टरों के वेतन और भर्ती, आयुष्मान योजना के भुगतान समेत मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड से जुड़े मुद्दों को साझा एजेंडे में शामिल किया गया है.
आंदोलन को 5 चरणों में चलाने की रूपरेखा तैयार की गई है. पहले चरण में 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक सभी संगठनों को एकजुट करने का काम होगा. इस दौरान Joint Committee का गठन किया जाएगा और सरकार को सौंपने के लिए Memorandum तैयार किया जाएगा.
दूसरे चरण में 5 से 8 अक्टूबर तक डॉक्टर काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे. इसके बाद 9 अक्टूबर को पूरे राज्य में प्रेस वार्ता आयोजित कर डॉक्टर अपनी मांगों और आंदोलन की आगे की रणनीति की जानकारी देंगे.
डॉक्टरों के साझा एजेंडे में 50 बेड तक के छोटे और मध्यम अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लिनिक को Clinical Establishment Act से मुक्त करने, सरकारी चिकित्सकों के लिए समयबद्ध Career Progression, जूनियर डॉक्टरों के समय पर वेतन भुगतान, Maternity Benefits और पारदर्शी Recruitment Calendar की मांग भी शामिल है.
वहीं आयुष्मान भारत और PM-JAY के तहत उचित पैकेज रेट, समय पर भुगतान और लंबित क्लेम के समाधान की मांग की गई है. अस्पतालों के लिए Single Window System और मेडिकल छात्रों को समय पर स्टाइपेंड देने की भी मांग है.
आंदोलन के अगले चरण में 21 अक्टूबर को सामूहिक प्रदर्शन किया जाएगा. डॉक्टरों का कहना है कि अगर इसके बावजूद मांगों का समाधान नहीं होता है तो 22 अक्टूबर से पेन डाउन हड़ताल शुरू की जाएगी.
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