केसरीनाथ यादव/न्यूज11 भारत
मसलिया/दुमका/डेस्क: नाला-दुमका मुख्य मार्ग स्थित मसलिया प्रखंड क्षेत्र के दो पेट्रोल पंप दलाही और रांगा इन दिनों अपने संचालन को लेकर चर्चा में हैं. रविवार को दोनों पेट्रोल पंप बंद रहने से राहगीरों, ग्रामीणों तथा वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दोपहिया, चारपहिया समेत बड़े वाहनों के चालक पूरे दिन पेट्रोल की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे. पेट्रोल पंप बंद होने का लाभ उठाते हुए कुछ दुकानदारों ने खुले बाजार में पेट्रोल की बिक्री शुरू कर दी, जहां लोगों को 106 रुपये प्रति लीटर की जगह 120 रुपये तक चुकाने पड़े. मजबूरी में कई वाहन चालकों ने अधिक कीमत देकर पेट्रोल खरीदा.
ग्रामीण रामलाल हेम्ब्रम, विनोद राय और विवेक यादव ने बताया कि पहले क्षेत्र में पेट्रोल पंप नहीं होने के कारण लोगों को दुमका और कुंडहित पर निर्भर रहना पड़ता था. इस वर्ष क्षेत्र में दो पेट्रोल पंप खुलने से लोगों को उम्मीद जगी थी कि ईंधन की समस्या दूर होगी, लेकिन संचालकों की कथित मनमानी के कारण परेशानी पहले जैसी ही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब घर से निकलते समय यह चिंता बनी रहती है कि पेट्रोल पंप पर ईंधन मिलेगा भी या नहीं.
इस संबंध में दलाही स्थित पेट्रोल पंप के संचालक विश्वजीत कुमार से फोन पर संपर्क किया गया. उन्होंने बताया कि कई लोग उधार में तेल भरवा लेते हैं, जिससे भुगतान संग्रह में कठिनाई होती है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल की आपूर्ति के लिए ऑर्डर दिया गया है और जल्द ही ईंधन उपलब्ध हो जाएगा. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नियमित आपूर्ति और समय पर संचालन सुनिश्चित करना पेट्रोल पंप संचालकों की जिम्मेदारी है. उनका आरोप है कि बार-बार पंप बंद रहने से लोगों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पेट्रोल पंपों के नियमित संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.