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रांची/डेस्क: झारखंड के धनबाद में बहुचर्चित रिंग रोड निर्माण से जुड़े मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है. ACB ने तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकान्त पाठक और कानूनगो मिथिलेश कुमार समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
क्या है मामला?
यह घोटाला वर्ष 2016 (कांड संख्या 32/16) से जुड़ा है, जिसमें धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए मौजा-धनबाद, मनईटांड़ और दुहाटांड़ क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण किया गया था. जांच में सामने आया कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिचौलियों और फर्जी दस्तावेज धारकों के साथ मिलीभगत की. आरोप है कि बिना उचित सत्यापन के सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये का मुआवजा फर्जी लाभार्थियों को दे दिया गया, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ.
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
चार्जशीट में कई तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें विशाल कुमार (अंचलाधिकारी), अनुपमा कुमारी (लिपिक), शंकर प्रसाद दुबे, रवींद्र कुमार और उमेश महतो शामिल हैं.
इसके अलावा पैक्स से जुड़े रामकृपाल गोस्वामी और काली प्रसाद सिंह के साथ-साथ कई बिचौलियों और फर्जी डीड धारकों जैसे सुमेश्वर शर्मा, आलोक बरियार उर्फ जैकी लाला, सुशील प्रसाद, कुमारी रत्नाकर, दिलीप गोप, बप्पी राय चौधरी, अशोक कुमार महथा और अनिल कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है.
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