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लोहरदगा/डेस्क: उपायुक्त डॉ ताराचंद की अध्यक्षता में आज साप्ताहिक कार्यक्रम पंचाइत कर गोईठ का 12वां संस्करण समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उपायुक्त द्वारा मुखियागणों से संवाद स्थापित किया गया और सरकार की कल्याणकारी व जिला प्रशासन की कार्ययोजनाओं से अवगत कराया गया.
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान युग में अंधविश्वास और कुप्रथाओं का कोई स्थान नहीं होना चाहिए. आज भी डायन बोलकर किसी का परिवार उजाड़ दिया जा रहा है. बचपन छीन कर किसी बच्ची का बाल विवाह कर दिया जा रहा है तो यह हम सभी के लिए शर्मनाक है. हमें एकजुट होकर इन कुप्रथाओं व कुरीतियों को उखाड़ फेंकने की जरूरत है. सभी मुखिया अपने पंचायतों में बैठक कर ऐसे प्राप्त मामलों पर चर्चा करें और मामलों की जानकारी स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन को अवश्य दें. पढ़ाई की उम्र में बच्चियों को विवाह जैसे बंधन में ना बांधा जाए. उन्हें अपना कॅरियर बनाने का अवसर दें. जो लोग बाल विवाह में संलिप्त पाये जाएंगे उनके उपर बाल विवाह अधिनियम और पोक्सो अधिनियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. पूर्व में जो टास्क फोर्स इन कुरीतियों के उन्मूलन के गठित करने के लिए निर्देश दिये गये थे उसे एक्टिव करें. प्रत्येक माह अपने पंचायत में होनेवाले विवाह का विवरण जिला में भेजें ताकि बाल विवाह पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
18 अक्टूबर को छठ घाटों की करें सफाई
उपायुक्त ने कहा कि सभी मुखिया अपने उप मुखिया, वार्ड सदस्यों व ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने पंचायत क्षेत्र के छठ घाटों की साफ-सफाई कराएं. इससे पूर्व में सफाई अभियान चलाया गया था जो सफल रहा था. छठ का महापर्व आस्था से जुड़ा हुआ पर्व है जिसमें छठ घाट के साफ-सफाई का बहुत ही महत्व है.
समाहरणालय मैदान में लगेगा दीपावली में, दुकान लगाना निःशुल्क
उपायुक्त ने कहा कि 16 एवं 17 अक्टूबर 2025 को समाहरणालय मैदान में जिला प्रशासन के सहयोग से दीपावली स्पेशन मेला लगाया जाएगा. इस मेला में कोई भी दुकानदार मिट्टी व मिट्टी के उत्पाद, दीया, मिट्टी के खिलौने इत्यादि की दुकान निःशुल्क लगा सकते हैं. इसके लिए वे अपने दुकान की जानकारी जिला पंचायत राज पदाधिकारी, लोहरदगा को देकर मेला में अपने दुकान के लिए स्थान सुरक्षित करा सकते हैं. मेला में दुकान लगाने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं है. यह पूरी तरह निःशुल्क है.
पलायन रूके, यहीं पर मिले रोजगार
उपायुक्त ने कहा कि बड़ी संख्या में लोहरदगा जिला से श्रमिक दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए पलायन करते हैं. अन्य राज्यों में मजदूरी करने से मजूदरों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मुखियागण अपने पंचायत में सरकार की योजनाओं में उन्हें शामिल करें और स्थानीय स्तर पर ही आय सृजन करने में सहयोग करें. मनरेगा अंतर्गत कई योजनाएं, कृषि, उद्यान, मत्स्य, डेयरी विकास समेत अन्य योजनाएं हैं जिसमें उस श्रमिक को रोजगार मिल सकता है. कई तरह के व्यवसाय शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्य के अंतर्गत सब्सिडी पर ऋण उपलब्ध है. मुख्यंत्री मंईयां सम्मान योजना की राशि से महिलाएं अपना कोई व्यवसाय शुरू कर सकती हैं. सभी मुखिया अपने पंचायत अंतर्गत पलायन करनेवाले श्रमिकों की सूची श्रम विभाग को उपलब्ध करायें और श्रम विभाग उनका निबंधन कराएं ताकि उन्हें श्रम विभाग अंतर्गत मिलनेवाली सुविधाओं से अच्छादित किया जा सके.
महिलाओं के पोषण पर दें ध्यान
उपायुक्त ने कहा कि एक स्वस्थ बच्चा के जन्म के गर्भवती का भी स्वस्थ होना जरूरी है. इसके लिए गर्भवती महिलाओं की सूची सभी मुखिया के पास हो. अपनी बैठकों में एएनएम, सेविका/सहायिका, सहिया की उपस्थिति हो जिसमें गर्भवती के स्वास्थ्य पर उसके नियमित मॉनिटरिंग पर चर्चा करें. गर्भवती को चिन्हित कर उसकी नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन फोलिक एसिड का सेवन, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक तत्वों वाली सब्जियों व फलों का सेवन सुनिश्चित करें. बच्चे के जन्म के बाद उसका ससमय टीकाकरण किया जाए.
आयुष्मान कार्ड से 15 लाख रूपये तक निःशुल्क ईलाज
उपायुक्त ने कहा कि राशनकार्ड धारकों का आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवायें. जो राशनकार्डधारी अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाये हैं वे अपने वीएलई से संपर्क करें. आयुष्मान कार्ड से आयुष्मान भारत अंतर्गत संबद्ध अस्पताओं में 15 लाख रूपये तक का ईलाज निःशुल्क होता है. इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री गंभीर बीमार योजना में लाभुक को 15 लाख रूपये तक की राशि ईलाज के लिए दिया जा सकता है. कोई व्यक्ति बीमार हो तो उसे कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से 25 हजार रूपये तक की राशि त्वरित रूप से दी जा सकती है.
प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालय में लगेगा शिविर
प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालय में अंचल-थाना दिवस का आयोजन किया जा रहा है. जिस अंचल में किसी प्रकार के जमीन विवाद की समस्या हो वे इस शिविर में आकर अपनी समस्याओं का निवारण करा सकते हैं. जिला स्तर पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक द्वारा इसकी सतत् निगरानी की जा रही है.
अन्य निर्देश
उपायुक्त द्वारा आज के कार्यक्रम में सभी मुखियागणों को अपने-अपने पंचायतों में बंदोबस्ती नहीं हुए मत्स्य तालाबों की बंदोबस्ती करा कर उसमें मत्स्य पालन कराने, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय समिति का गठन करने, आवास योजनाएं पूर्ण कराने, निरक्षर व्यस्कों की सूची बनाकर एडल्ट लिटरेसी के लिए चिन्हित करने, पढ़े-लिखे युवाओं को कल्याण गुरूकुल से माध्यम से प्रशिक्षित करा कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के छूटे हुए लाभुकों का डिजिटल लाईफ सर्टिफिकेट जल्द बनाये जाने समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई और निर्देश दिये गये.
आज के कार्यक्रम में अपर समाहर्ता जितेंद्र मुण्डा, आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी पंचायतों के मुखियागण आदि उपस्थित थे.
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