राहुल सिंह/न्यूज11 भारत
रामगढ़/डेस्क: रामगढ़ न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामगढ़ एवं श्री अनिल कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय के सम्मेलन कक्ष में साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा पर एक व्यापक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, छात्रों और कानूनी पेशेवरों को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान की चोरी (आइडेंटिटी थेफ्ट) और सुरक्षित इंटरनेट प्रथाओं के प्रति जागरूक करना था.
कार्यक्रम डालसा सचिव श्री अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें साइबर थाना से सब इन्स्पेक्टर श्री दिगंबर पांडेय, एल.ए.डी.सी.एस एवं पारा लीगल वालंटियर्स मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डालसा सचिव श्री अनिल कुमार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक डिजिटल साक्षरता पहुंचाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में कानूनी जागरूकता के साथ-साथ साइबर जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है. उन्होंने उपस्थित सभी पारा लीगल वालंटियर्स को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में जाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीकों के प्रति जागरूक करें, ताकि समाज के भोले-भाले लोग इन ठगों का शिकार न बनें.
सभा को संबोधित करते हुए श्री दिगंबर पांडेय ने डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी कमजोरियों पर व्यावहारिक और सतर्क करने वाला जानकारीयों को साझा किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि अज्ञात डिजिटल अपराधियों से बचने के लिए "जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी किस तरह फर्जी लॉटरी, फर्जी उद्यम योजनाओं, बिजली बिल अपडेट, आर.टी.ओ चालान के नाम पर और लोगों में डर या जल्दबाजी पैदा करके मनोवैज्ञानिक रूप से ठगी करते हैं. जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों को अपने बैंक खाते किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा करने या किराए पर देने के खिलाफ जागरूक किया. उन्होंने हालिया मामलों को हवाला दिया जहां भोले-भाले लोगों के खातों का ईस्तेमाल दूसरे राज्यों से ठगे गए पैसों को ट्रांसफर करने के लिए किया गया, जिससे वे अनजाने में कानूनी पचड़े में फंस गए. इन सभी के लिए तथा अपना बहुमुल्य समय देने के लिए डालसा सचिव श्री अनिल कुमार ने रामगढ़ पुलिस को इस जागरूकता अभियान मे अपना समय देने के लिए आभार प्रकट करते हुए सभा का समापन किया.
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