विद्या शर्मा/न्यूज11 भारत
जादूगोड़ा/डेस्क: वर्ष 2013 में यूसिल की सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम प्रोजेक्ट बांदु-हुराग यूरेनियम में स्थायीकरण की मांग कर रहे 226 ठेका मजदूरों की साजिश के तहत बिना तीन महीने के नोटिस पे से पूर्व काम से जबरन हटाए जाने के मामले में धनबाद ट्रिब्यूनल कोर्ट 01 ने यूसिल की बांदु-हुराग यूरेनियम प्रोजेक्ट ठेका मजदूरों को राहत देते हुए यूसिल की ठेका कंपनी गुल्फ आयल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को ढाई करोड़ रुपया तीन महीने की नोटिस पेमेंट समेत अन्य बेनिफिट की राशि का भुगतान का आदेश दिया है. जिसके तहत प्रति ठेका मजदूरों को एक लाख रुपया भुगतान अहले तीन महीने के अंदर करनी होगी.इस केस की पैरवी झारखंड कार्यकारी मजदूर यूनियन के महासचिव डी सी गुहाई व संयुक्त सचिव सागर बेसरा कर रहे थे. इधर मजदूरों के पक्ष में फैसला आने के बाद यूसिल के विस्थापित प्रभावित गांव मसलन बांदु-हुराग , तुरामडीह, तालसा, पूड़ीहासा के ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है व आगामी रविवार को यानि 27 सितंबर की तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट कॉलोनी गेट के समक्ष जश्न मनाने की तैयारी है. इस बाबत मजदूर नेता डी सी गुहाई व सागर बेसरा ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले के बाद यूसिल प्रबंधन समेत ठेका कंपनी की मनमानी पर रोक लगेगी व मजदूरों को न्याय पर विश्वास बढ़ेगा.
13 साल बाद आया धनबाद ट्रिब्यूनल कोर्ट 01 का फ़ैसला
ठेका पर चल रही यूसिल की सबसे महत्वपूर्व खदान बांदु-हुराग यूरेनियम प्रोजेक्ट के 226 ठेका मजदूरों ने 2013 में श्रमिक संगठन झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने यूसिल में स्थायीकरण की मांग की लेकर चाईबासा सहायक श्रमायुक्त कार्यालय ( केंद्रीय) चाइबासा में शिकायत वाद दर्ज कराई. बाद में यूसिल प्रबंधन ने पर्दे की पीछे से साजिश रच कर स्थायीकरण की मांग कर रहे 226 ठेका मजदूरों को कंपनी के संवेदक गल्फ आयल कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. लेकिन ठेका मजदूरों ने हार नहीं मानी व गल्फ कंपनी के खिलाफ नियोजन, स्थायीकरण व तीन महीने का नोटिस पे भुगतान का मामला चाइबासा केंद्रीय श्रमायुक्त से धनबाद कोर्ट तक ले गया जहां एक मामले का फैसला आ गया जिसके तहत गल्फ आयल कार्पोरेशन लिमिटेड को 226 मजदूरों को तीन महीने का नोटिस भुगतान समेत अन्य बेनिफिट का फ़ैसला मजदूरों के पक्ष में सुनाया. जिसके तहत अगले तीन महीने के अंदर ठेका मजदूरों को राशि की भुगतान का आदेश निर्गत किया है.यह राशि प्रति मजदूर एक लाख होगी.
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