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रांची/डेस्क: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आज अपना 54वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. पार्टी की स्थापना 54 वर्ष पूर्व इसी दिन धनबाद में हुई थी. स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम धनबाद के रणधीर वर्मा गोल्फ ग्राउंड में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने एक बार फिर झारखंडी अस्मिता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों को लंबे समय से कमजोर और मूर्ख समझा जाता रहा है तथा राज्य को सिर्फ मजदूरों का प्रदेश बनाकर रखा गया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोल आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कानून बनाया जा चुका है और सभी कंपनियों को इसका पालन करना ही होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कंपनियां कानून का पालन नहीं करती हैं, तो स्थानीय लोगों को अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा.
हेमंत सोरेन ने पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि उनकी आत्मा जहां भी होगी, वह हमेशा झारखंड और यहां के लोगों पर नजर रखती होगी. कार्यक्रम में मंत्री सुदिव्य सोनू, हाफिजुल हसन, योगेंद्र महतो, विधायक मथुरा महतो, उमाकांत रजक, पूर्व विधायक बेबी देवी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.
इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का लक्ष्य एक राष्ट्रीय पार्टी बनना है. उन्होंने घोषणा की कि झामुमो आगामी समय में असम में भी चुनाव लड़ेगी.
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