किशोर कुमार जायसवाल/न्यूज11 भारत
गुमला/डेस्क: नगर परिषद द्वारा निकाले गए टेंडरों में कथित भ्रष्टाचार और हिस्सेदारी के आरोपों को लेकर गुमला की राजनीति गरमा गई है. विधायक पर लगाए गए आरोपों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पलटवार करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों से कई सवाल पूछे हैं. झामुमो का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो उनके ठोस प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं. पार्टी ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसका आंदोलन संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा.
वहीं नगर परिषद के 22 पार्षदों ने विधायक के कथित हस्तक्षेप के विरोध में मोर्चा खोलते हुए बोर्ड बैठक के बहिष्कार की चेतावनी दी है. पार्षदों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर विकास कार्यों को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
इधर, दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद को देखते हुए उपायुक्त समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि शहर के विकास कार्य प्रभावित न हों. मामले की जांच की प्रक्रिया भी जारी है. फिलहाल टेंडर विवाद को लेकर नगर परिषद और झामुमो के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे गुमला की स्थानीय राजनीति में हलचल बनी हुई है.
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