मनोज सिंह/न्यूज11 भारत
जमशेदपुर/डेस्क: जमशेदपुर से 25 किलोमीटर दूर पटमदा सब्जी के लिए जाना जाता है. लेकिन अब यहां के किसान सब्जी ही नहीं बकरी पालन कर अपने परिवार पाल रहे हैं, बच्चे क़ो पढ़ा रहे हैं. इतना ही नहीं शादी करना हो तो किसी से कर्ज नहीं लेते. बकरी बेचकर अपने बेटियों की हाथ पीला करते हैं. वैसे अब यह इलाका सब्जी के लिए नहीं जाना जाएगा जबकि इस इलाके में 10000 से ज्यादा किसान बकरी का पालन कर रहा है.
बकरी अब लोगों का मुख्य रोजगार हो गया 5 से 6 महीने में बकरी का बच्चा तैयार हो जाता है और 20 से 25000 रुपए में एक खस्सी की बिक्री होती है. वैसे इन गरीब किसानों का मानना है कि सरकार के भरोसे बैठने से न तो हमारी बिटिया के हाथ पीला होगी और ना ही हमारे घर में कोई बीमार पड़ेंगे तो जिंदा बच पाएंगे.लेकिन बकरी ही हम लोगों के लिए मुख्य रोजगार का साधन है. दिनभर पूरा परिवार बकरी के पालने में जुटा रहता है. जबकि राज्य सरकार कहती है की बकरी पालन करने के लिए सरकार पैसा दे रही है. लेकिन पूरे पटमदा मे 80% गांव के लोग कहते हैं कि यहां सरकार की योजना नहीं पहुंची.कुछ जगह योजना जरूर पहुंची है लेकिन वह भी दम तोड़ रही है. ऐसे में सरकार को चाहिए कि इन किसानों को बकरी खरीदने के लिए और अच्छे नस्ल के बकरी के लिए पैसा दे ताकि गांव का विकास हो सके.
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